फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bangladesh BDR mutiny: बांग्लादेशी आर्मी चीफ की चेतावनी- भ्रम पैदा की हिमाकत न करें; 16 साल पहले मिले थे 74 शव

Tue, 25 Feb 2025 11:17 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका।

सार

Bangladesh: बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने 2009 के विद्रोह को लेकर भ्रम फैलाने वालों को चेतावनी दी और कहा कि यह विद्रोह बांग्लादेश राइफल्स के जवानों द्वारा किया गया था। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सवाल उठाने से न्यायिक प्रक्रिया बाधित हो सकती है। बता दें कि 16 साल पहले हुए विद्रोह के बाद 57 सैन्य अधिकारियों समेत 74 शव बरामद किए गए थे।
विज्ञापन
बांग्लादेश के सेना प्रमुख वाकर उज जमान - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने 2009 के विद्रोह को लेकर भ्रम पैदा करने वालों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इसे बांग्लादेश राइफल्स (बीडीआर) के जवानों ने अंजाम दिया था और किसी को भी इस पर शक नहीं होना चाहिए। 

विज्ञापन


विद्रोह के बाद बरामद हुए थे 74 शव
यह घटना 25 और 26 फरवरी 2009 को हुई थी, जब ढाका के पिलखाना स्थित बीडीआर मुख्यालय में सेना के 57 अधिकारियों की हत्या कर दी गई थी। इनमें बीडीआर के तत्कालीन महानिदेशक मेजर जनरल शकील अहमद भी शामिल थे। इस विद्रोह के बाद कुल 74 शव बरामद किए गए थे। 
 
'सवाल उठाने से बाधित होगी न्यायिक प्रक्रिया'
जनरल जमान ने कहा, इस मामले में कोई अर और मगर नहीं है। सभी को यह याद रखना चाहिए कि उस दिन सेना के 57 अधिकारियों की हत्या करने वाला कोई सैन्य सैनिक नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस पर कोई सवाल किया गया, तो इतने वर्षों से जो न्यायिक प्रक्रिया चल रही है, वह बाधित हो सकती है। जमान ने कहा कि सभी को हमेशा एक बात याद रखनी चाहिए कि 25 और 26 फरवरी 2009 को जो जब बीडीआर में सेवा दे रहे सैन्य अधिकारियों की हत्या की गई, तो उस क्रूरता को कोई भी सैन्य सैनिक नहीं कर सकता था। 
विज्ञापन


'बीडीआर के सदस्य सजा पाने के हकदार'
जमान ने विद्रोह में मारे गए लोगों की याद में घोषित किए गए 'राष्ट्रीय शहीद सेना दिवस' के मौके पर कहा, न्यायिक प्रक्रिया को नष्ट न करो। जिन बीडीआर सदस्यों को सजा दी गई, वे इसके हकदार थे। उन्होंने कहा, अवामी लीग सरकार के दौरान हुए विद्रोह ने अधिकारियों को अर्धसैनिक बल का नाम बदलने और इसकी वर्दी, लोगो और नियम कानून को बदलने के लिए प्रेरित किया। 

'मुद्दे को अब अलग कोण दे रहे कुछ लोग'
सेना प्रमुख ने कहा, मुख्य बात यह है कि हमारे स्मार्ट और सक्षम सैन्य अधिकारियों ने तत्कालीन बांग्लादेश राफाइफल्स के सैनिकों की गोलीबारी में अपनी जान गंवा दी। हममें से कुछ लोग अब अलग-अलग राय लेकर आ रहे हैं और मुद्दे को एक अलग कोण में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। यह प्रयास हमारे लिए अच्छा नहीं होगा। 
विज्ञापन


संबंधित वीडियो-


 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें