हाईकोर्ट के जज मुस्तफा जमान व नसरीन अख्तर की पीठ ने जिन्हें बरी किया है, उनमें पूर्व गृह राज्य मंत्री बाबर के साथ पूर्व सैन्य खुफिया महानिदेशक रज्जाकुल हैदर चौधरी, सीयूएफएल के पूर्व एमडी मोहसिन, महाप्रबंधक इनामुल हक उद्योग मंत्रालय के पूर्व अतिरिक्त सचिव नूरुल अमीन और जमात-ए-इस्लामी नेता मोतीउर रहमान निजामी शामिल हैं।
बांग्लादेश में लगातार भारत विरोधी हरकतें सामने आ रही हैं। एक हाईकोर्ट ने उल्फा नेता परेश बरुआ की मौत की सजा को उम्रकैद में बदला और पूर्वोत्तर भारत में उल्फा को हथियारों की तस्करी के प्रयास संबंधी 2004 के एक मामले में पूर्व कनिष्ठ मंत्री लुत्फुज्जमां बाबर व पांच अन्य को भी मृत्युदंड से बरी कर दिया।
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हाईकोर्ट ने बरुआ की अनुपस्थिति में बरुआ की सजा घटाई, जो अभी चीन में बताया जा रहा है। जज मुस्तफा जमान व नसरीन अख्तर की पीठ ने जिन्हें बरी किया है, उनमें पूर्व गृह राज्य मंत्री बाबर के साथ पूर्व सैन्य खुफिया महानिदेशक रज्जाकुल हैदर चौधरी, सीयूएफएल के पूर्व एमडी मोहसिन, महाप्रबंधक इनामुल हक उद्योग मंत्रालय के पूर्व अतिरिक्त सचिव नूरुल अमीन और जमात-ए-इस्लामी नेता मोतीउर रहमान निजामी शामिल हैं।
हसीना पर हमले व 24 मौतों के लिए जिम्मेदार है बाबर
पूर्व कनिष्ठ मंत्री लुत्फुज्जमां बाबर को 2004 में तत्कालीन विपक्षी नेता शेख हसीना और उनकी पार्टी के शीर्ष नेताओं पर ग्रेनेड हमले में भी सजा सुनाई गई थी। हमले में 24 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हो गए थे, लेकिन हाईकोर्ट की पीठ ने मृत्यु संदर्भ की सुनवाई के बाद बाबर को बरी किया।
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जेल में ही मारा गया पूर्व खुफिया प्रमुख
बांग्लादेश की राष्ट्रीय सुरक्षा खुफिया के पूर्व प्रमुख पूर्व ब्रिगेडियर जनरल अब्दुर रहीम को भी मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन जेल में उनकी सामान्य मौत हो गई। वह डीजीएफआई के पूर्व निदेशक भी थे। उनके साथ ही सजा पाने वाले पूर्व मंत्री निजामी को कई साल पहले पिछली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की गठबंधन सरकार में फांसी दी जा चुकी है।