Bangladesh allows Yuan: Xi Jinping meets with Bangladeshi Prime Minister Sheikh Hasina
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कारोबार के मामले में बांग्लादेश की चीन पर निर्भरता बढ़ रही है। बांग्लादेश के सेंट्रल बैंक के एक ताजा फैसले को इस बात का ही संकेत माना जा रहा है। बांग्लादेश बैंक ने अब तमाम बैंकों को अपनी शाखाओं में चीनी मुद्रा युआन में तमाम व्यापारियों के खाते खोलने और उसे रखने का इजाजत दे दी है। समझा जाता है कि इससे सीमा पार व्यापार का सेटलमेंट करने में आसानी होगी। बैंकों को युआन में सेटलमेंट करने का अधिकार भी दे दिया गया है। बांग्लादेश बैंक ने इस सिलसिले में गुरुवार को एक सर्कुलर जारी किया।
अब तक बांग्लादेश के बैंकों में युआन खाते सिर्फ अधिकृत व्यापारी ही खोल सकते थे। फिलहाल चलन यह है कि बैंक नोस्ट्रो खाते संचालित करते हैं। ये वो खाते हैं, जिनमें विदेशी मुद्रा रखी जाती है। अभी तक ज्यादातर ऐसे खाते डॉलर में ही संचालित होते हैं।
व्यापारियों ने बांग्लादेश बैंक के इस फैसले का स्वागत किया है। विशेषज्ञों ने कहा है कि इस वक्त दुनिया भर के सेंट्रल बैंक अपने भंडार में युआन की मात्रा बढ़ा रहे हैं। ऐसा चीन की बढ़ती आर्थिक ताकत की वजह से हो रहा है। म्युचुअल ट्रस्ट बैंक के प्रबंध निदेशक सईद महबुबूर रहमान ने अखबार बांग्लादेश बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा कि बांग्लादेश बैंक का यह फैसला व्यापार सेटलमेंट में किसी एक विदेशी मुद्रा पर निर्भरता घटाने की शुरुआत है। इसके साथ ही अब बैंकों में चीनी मुद्रा को अपने भंडार में रखने का चलन बढ़ेगा, ताकि वे भविष्य में पेमेंट सेटलमेंट कर सकें।
बांग्लादेश बैंक के इस निर्णय के पहले यह खबर आई थी कि चीन ने बांग्लादेश बैंक और चीन के सेंट्रल बैंक- पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के बीच मुद्राओं की अदला-बदली (करेंसी स्वैप) का करार करने की पेशकश की है। यह करार होने के बाद कारोबार का भुगतान बांग्लादेश की मुद्रा या युआन- दोनों में से किसी एक में किया जा सकेगा। ढाका स्थित चीनी दूतावास ने इस संबंध में कुछ दिन पहले एक पत्र भेजा। उसमें कहा गया कि करेंसी स्वैप का करार होने से विदेशी मुद्रा की दर में उतार-चढ़ाव से पैदा होने वाली समस्या हल हो जाएगी। साथ ही उससे विदेशी मद्रा विनिमय की लागत घटेगी।
अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड बांग्लादेश के मुताबिक बांग्लादेश बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में युआन की मात्रा बढ़ाने की नीति पर चल रहा है। इससे भंडार में डॉलर का हिस्सा घटा है। 2017 में बांग्लादेश के विदेशी मुद्रा भंडार में युआन का हिस्सा सिर्फ एक फीसदी था। इस वर्ष अगस्त में यह 1.32 फीसदी हो गया। इसी अवधि में डॉलर का हिस्सा 81 से घट कर 75 फीसदी रह गया है।
विश्लेषकों का कहना है कि बांग्लादेश बैंक का ताजा फैसला बांग्लादेश और चीन के बीच तेजी से बढ़ रहे व्यापार भी संकेत है। पिछले वित्त वर्ष में बांग्लादेश ने चीन से एक लाख करोड़ टका का आयात किया, जबकि उसने 4,804 करोड़ टका का निर्यात किया। अब ऐसे कारोबार का भुगतान सेटलमेंट युआन में हो सकेगा। उससे विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर की लगातार हो रही कमी से बांग्लादेश को राहत मिलेगी।