जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में आजाद बलूचिस्तान आंदोलन ने प्रदर्शन और रैली आयोजित करके पाकिस्तानी अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद की। यह प्रदर्शन हयात बलूच की हत्या के विरोध में निकाला गया। प्रदर्शन में लोग हयात बलूच के लिए इंसाफ की मांग करते हुए हाथों में बैनर लिए दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने बलूचों के साथ पाक सेना द्वारा किए जा रहे अन्याय के विरोध में नारेबाजी भी की।
इस दौरान स्टीफन ब्रैंट ने कहा, बलूचिस्तान को ब्रिटेन ने औपनिवेशिक शासन के दौरान तीन भागों में बांटा था, लेकिन पाकिस्तान इसका अनुकरण नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, 2001 और 2018 में सिर्फ जर्मनी ने ही पाकिस्तान को एक अरब यूरो की कीमत के हथियारों की आपूर्ति की, जिनका उपयोग पाकिस्तान में बलूच, पख्तून और सिंधियों के खिलाफ किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हमें इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी। इस दौरान महिला आंदोलनकारियों के बीच निकोला हॉफेडिएनर ने कहा कि यह इतना भयावह है कि बलूच महिलाएं और बच्चे पाकिस्तानी बर्बरता के शिकार हैं।
हत्याकांड की सख्त निंदा
प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर था जिस पर पाकिस्तान विरोधी बातें लिखी थी और ये सब पाक की सेना के अत्याचारों से जुड़े नारे लगा रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाल में ही हुए हयात बलोच की मर्डर की भी सख्त निंदा भी की। बता दें कि स्वतंत्रता दिवस पर हयात बलूच को आतंकवाद के संदेह में मार दिया गया था।