अपने लापता परिजनों के लिए प्रदर्शन करते बलूच।
- फोटो : एएनआई/एक्स/महरंग बलूच
पाकिस्तान में बलूच नागरिकों से दोयम दर्जे के बर्ताव के खिलाफ बलूच यकजेहती समिति का आंदोलन जारी है। बलूच नेता महरंग बलूच ने कहा, हमने बंदूकों से डराने की पाकिस्तानी अधिकारियों की कोशिशों के बावजूद राष्ट्रीय सभा को जारी रखने का संकल्प लिया है। इस बीच, कई संस्थाओं ने मानवाधिकार संगठनों से बलूचिस्तान के लोगों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाने की मांग की है।
बलूच राष्ट्रीय सभा में बोलते हुए महरंग ने कहा, ग्वादर और बलूचिस्तान में बलूचों के साथ जिस क्रूरता से पाकिस्तान की सेना और खुफिया सेवा बर्ताव कर रही है उसने हैवानियत की हदें पार कर ली हैं। कई बलूच महिलाओं और पुरुषों को अगवा किया गया है और कई को मौत के घाट उतारा गया है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान अपनी बंदूकों से हमें डराना चाहता है। लेकिन हम गोलियों के सामने खड़े होंगे। बलूच मानवाधिकार परिषद ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी मिशन, एमनेस्टी इंटरनेशनल व अन्य संगठनों से बलूचों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है।
निहत्थों पर हुई थी गोलीबारी
बलूचिस्तान में पाकिस्तान ने 28 जुलाई से नए सिरे से बलूच आंदोलनों को दबाने का अभियान चलाया है। इस दौरान ग्वादर में स्थिति बेहद तनावपूर्ण और खतरनाक हो गई है। वहां आज भी हालात सामान्य नहीं हैं। हजारों सैन्य कर्मियों ने क्रूरतापूर्वक हमला कर निहत्थे लोगों पर सीधे गोलियां चलाकर सैकड़ों लोगों को मार डाला। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। सेना ने मरीन ड्राइव को सील कर बलूचों पर अत्यंत क्रूर कार्रवाई की।
ग्वादर में युद्ध जैसे हालात
बीवाईसी ने कहा, सेना अवैध रूप से लोगों को अगवा कर उन पर अत्याचार कर रही है। वे हमारे नेतृत्व को नुकसान पहुंचाने में जुटे हैं। यह निर्दोष और निहत्थे बलूच व पाकिस्तान की शक्तिशाली, क्रूर, बर्बर सेना के बीच पूरी तरह से युद्ध जैसी स्थिति है। ग्वादर पूरी तरह से जंग का मैदान बना हुआ है।