फरीबा बलोच ने जोर दिया कि उनका समुदाय विदेशों में कमजोरियों और कठिनाइयों के साथ शरणार्थी बनने को मजबूर हो गया है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान में बलोचों के साथ प्रभावित क्षेत्रों तक सीमित पहुंच, सुरक्षा जोखिम और राजनीतिक दमन शामिल हैं। बीएएससी इन उल्लंघनों का दस्तावेजीकरण करने और अंतरराष्ट्रीय जागरूकता व कार्रवाई की वकालत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बलोच पैरोकारी व अध्ययन केंद्र (बीएएससी) की अध्यक्ष फरीबा बलोच ने ईरान, पाकिस्तान और उसके बाहर बलोच मानवाधिकारों की रक्षा के लिए मिशन की रूपरेखा तैयार की है। उन्होंने पाकिस्तान में बलोचों द्वारा झेले जा रहे भयानक मानवाधिकार हालात पर प्रकाश डालते हुए कहा, वे न्यायेतर हत्याओं और जबरन गायब करने से लेकर फांसी और व्यवस्थित भेदभाव तक, बुनियादी अधिकारों और अवसरों से भी वंचित हैं। व्यापक दमन ने हजारों बलोचों को उनकी मातृभूमि से भागने पर मजबूर किया है।
फरीबा बलोच ने जोर दिया कि उनका समुदाय विदेशों में कमजोरियों और कठिनाइयों के साथ शरणार्थी बनने को मजबूर हो गया है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान में बलोचों के साथ प्रभावित क्षेत्रों तक सीमित पहुंच, सुरक्षा जोखिम और राजनीतिक दमन शामिल हैं। बीएएससी इन उल्लंघनों का दस्तावेजीकरण करने और अंतरराष्ट्रीय जागरूकता व कार्रवाई की वकालत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
फरीबा ने कहा, हम बलोच अधिकारों के लिए काम करने वाले व्यक्तियों और संगठनों दोनों को साथ जोड़ने के लिए तैयार हैं। बलोच वकालत और अध्ययन केंद्र एक शोध और वकालत संगठन है जो ईरान, पाकिस्तान और पूरे प्रवासी समुदाय में बलोच समुदायों के मानवाधिकारों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार बलोच समुदाय पर सरकारी उत्पीड़न बढ़ा रहा है।