आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच लड़ाई
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नागोर्नो-कराबाख क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच अजरबैजान ने शनिवार को आरोप लगाया कि आर्मेनिया ने उसके दूसरे सबसे बड़े शहर को बैलेस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया है। इस हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है और 50 अन्य घायल हुए हैं। हालांकि आर्मेनियाई रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों से इनकार किया है।
बता दें कि दोनों देशों के बीच रूस की मध्यस्थता में युद्धविराम पर सहमति होने के बाद भी हमले जारी हैं। अजरबैजान के अधिकारियों ने कहा कि सोवियत काल में निर्मित स्कड मिसाइलों से गांजा शहर पर हमला किया गया जिसमें करीब 20 आवासीय इमारतें नष्ट हो गई हैं। इमारतों के मलबे में से पीड़ितों और बच्चों को खोजने में आपातकालीन कामगार जुटे हुए हैं।
अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने इस हमले को युद्ध अपराध के रूप में निरूपित करते हुए आर्मेनिया के चेताया है कि उसे इसके नतीजे भुगतने होंगे। उन्होंने कहा अजरबैजान भी इन हमलों पर प्रतिक्रिया देगा। अलीयेव ने कहा, अजरबैजानी बलों ने रणनीतिक बढ़त हासिल करते हुए फिजुली शहर और उसके आसपास के सात गांवों को अपने कब्जे में ले लिया है।
बेअसर रही युद्धविराम पर सहमति
इससे पहले रूस की मध्यस्थता में आर्मेनिया और अजरबैजान के विदेश मंत्रियों के बीच मॉस्को में युद्धविराम पर सहमति हो चुकी है। लेकिन मौजूदा हमलों को देखते हुए यह बेअसर होती दिख रही है। इस सहमति की घोषणा रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ 10 घंटे तक हुई बैठक के बाद की थी।