डोनाल्ड ट्रंप, अयातुल्ला खामनेई
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ईरान और अमेरिका के बीच जंग के मैदान पर लड़ाई भले ही रुक गई हो, लेकिन जुबानी जंग लगातार जारी है। इस बीच, ईरान के एक अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को खुली धमकी दी है। ईरानी अधिकारी जवाद लारीजानी ने टीवी पर बोलते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपने मार-ए लागो स्थित घर में भी सुरक्षित नहीं हैं। गौरतलब है कि जवाद लारीजानी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के पूर्व सलाहकार हैं।
जवाद लारीजानी ने दी ट्रंप को धमकी
ईरानी टीवी पर बोलते हुए जवाद ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को अपने कामों का अंजाम भुगतना होगा। उन्होंने कुछ ऐसे काम किए हैं, जिसके कारण अब वे मार-ए-लागो में अपने आवास में धूप भी नहीं सेंक पाएंगे। जब वे पेट के बल सूर्य की ओर लेटे होंगे तभी एक छोटा सा ड्रोन आएगा और उनको निशाना बना सकता है। यह बहुत आसान है। उन्होंने कहा कि एक छोटे से ड्रोन से धूप का मजा लेते राष्ट्रपति को निशाना बनाना बहुत आसान होगा।
ट्रंप ने हंसी में उड़ाई धमकी
वहीं जब ट्रंप से ईरानी अधिकारी की इस धमकी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे हंसी में टाल दिया। ट्रंप ने कहा कि मैं धूप ही नहीं सेंकता। ट्रंप ने कहा मुझे नहीं याद आखिरी बार कब मैंने ऐसा किया था। शायद सात साल की उम्र में ऐसा किया हो। अब मुझे इसमें दिलचस्पी नहीं है।
हाल ही में सार्वजनिक मंच पर नजर आए थे खामेनेई
इससे पहले बीते शनिवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पहली बार जनता के सामने आए थे। बीते शनिवार को तेहरान में एक धार्मिक कार्यक्रम में खामेनेई की मौजूदगी दिखी। बीते दिनों अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके बाद से खामेनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे थे। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर अफवाहें भी उड़ रही थीं।
इस्राइल ने अचानक किए थे हमले
बता दें कि 13 जून को इस्राइल ने ईरान पर अचानक हवाई हमले शुरू कर दिए थे। ये हमले ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर किए गए थे। इस्राइल का आरोप है कि ईरान गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार बना रहा है, हालांकि ईरान लगातार इससे इनकार करता रहा है। इन हमलों में अमेरिका ने भी इस्राइल का समर्थन किया था। इससे दोनों देशों के बीच दशकों पुराना छद्म युद्ध अब खुलकर सामने आ चुका है।
हमलों में 900 ईरानियों की मौत
ईरान की न्यायपालिका के मुताबिक, इन हवाई हमलों में 900 से ज्यादा ईरानी नागरिकों की जान गई। वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इस्राइल के शहरों पर मिसाइलें बरसाईं। इन हमलों में इस्राइल में कम से कम 28 लोगों की मौत हुई। दोनों देशों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।