ऑस्ट्रिया दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जो सोशल मीडिया पर नफरत भरे पोस्ट करने पर पढ़ाई करने की सजा दे रहा है। इस सजा में दोषी पाए गए यूजर को सोशल मीडिया पर सही व्यवहार सिखाने वाला 6 माह का कोर्स करना अनिवार्य होगा। सरकार इसे पूरे देश में लागू करने जा रही है।
अब अगर यूरोप के इस देश में किसी ने सोशल मीडिया पर हेट स्पीच शेयर किया तो यूजर को एनजीओ न्यूस्टार्ट द्वारा शुरू किया गया छह महीने का कोर्स करना पड़ता है जिसमें उन्हें सही व्यवहार करने की शिक्षा दी जाती है।
ऑस्ट्रिया में ऑनलाइन नफरत से जुड़े मामलों को कोर्ट में लंबा खींचने के कारण सरकार एक एनजीओ के साथ मिलकर 'डॉयलाग इंस्टीड ऑफ हेट' प्रोग्राम के जरिए इनको हल करने की कोशिश कर रही है। इसके तहत साल 2018 में कुल 73 लोगों को शिक्षित किया जा चुका है।
ऑस्ट्रिया की सरकार पहले से ही झूठे नाम से पोस्ट करने वालों को रोकने के लिए इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन के नियम सख्त बनाने पर काम कर रही है। अब इस कानून के पूरे देश में लागू होते ही सोशल मीडिया कंटेट को ज्यादा मानीटर किया जा सकेगा।
ऐसा नहीं है कि यह केवल आम नागरिकों के लिए लागू किया जा रहा है। साल 2019 में ही देश की फार राइट फ्रीडम पार्टी के एक नेता को यह कोर्स करना पड़ा। उन्होंने देश में आने वाले शरणार्थियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
इस कोर्स में दोषी साबित यूजर को सोशल मीडिया लिटरेसी, सूचनाएं शेयर करना, मानवधिकार, न्यूजफीड फीचर में काम करना और ऑनलाइन अच्छा व्यवहार करना सिखाया जाता है। इस कोर्स 15 भागों में तैयार किया गया है। एक अधिकारी के अनुसार इस कोर्स में मुख्यत यह सिखाया जाता है कि वे किसी को अपमानित किए बिना भी दृष्टिकोण रख सकते हैं।