फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Austria New Chancellor: ऑस्ट्रिया में नया गठबंधन बनाएगा सरकार, जानें कौन बन सकता है देश का नया चांसलर

Thu, 27 Feb 2025 03:00 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वियना

सार

ऑस्ट्रिया में एक नया गठबंधन सरकार बन रही है, जिसमें दक्षिणपंथी चुनाव जीतने वाली पार्टी शामिल नहीं होगी। बता दें कि, तीन पार्टियों ने गुरुवार को घोषणा की कि उन्होंने एक नए सेंटर-लेफ्ट गठबंधन सरकार बनाने के लिए समझौता किया है। यह समझौता पांच महीने बाद हुआ है, जब एक दक्षिणपंथी पार्टी ने चुनाव जीतने के बाद प्रशासन बनाने में विफल रही थी।
विज्ञापन
क्रिश्चियन स्टॉकर के चांसलर बनने की संभावना - फोटो : X / @VPIndia
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऑस्ट्रिया में तीन पार्टियों ने गुरुवार को घोषणा की कि उन्होंने मिलकर एक नई समझौते वाली सरकार बनाने का फैसला कर लिया है। यह फैसला चुनाव के पांच महीने बाद आया है। जिस चुनाव में दूर-दक्षिणपंथी (कट्टर विचारधारा वाली) पार्टी ने जीत हासिल की थी, लेकिन वह सरकार बनाने में नाकाम रही।
विज्ञापन


इन तीन दलों के बीच बनी सहमति
कंजर्वेटिव ऑस्ट्रियन पीपल्स पार्टी, सेंटर-लेफ्ट सोशल डेमोक्रेट्स और लिबरल नेओस ने बयान में कहा कि उन्होंने सरकार चलाने के लिए एक कार्यक्रम पर सहमति बना ली है। यह सरकार बनाने में अब तक का सबसे लंबा समय (129 दिन) लगा, जो 1962 के बाद से अब तक का रिकॉर्ड है। वहीं पीपुल्स पार्टी नेता क्रिश्चियन स्टॉकर को नया चांसलर (प्रधानमंत्री) बनने की उम्मीद है। तीनों पार्टियां अपने गठबंधन का पूरा कार्यक्रम गुरुवार को सार्वजनिक करेंगी।

सितंबर 29 के चुनाव में पहली बार फ्रीडम पार्टी (जो प्रवासियों के खिलाफ और यूरोपीय संघ विरोधी है) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। लेकिन तीन मुख्यधारा की पार्टियों (पीपुल्स पार्टी, सोशल डेमोक्रेट्स और नेओस) ने इसे सरकार में शामिल न करने का फैसला किया। यह तीसरी बार है जब तीन मुख्यधारा की पार्टियां दक्षिणपंथी, एंटी-इमिग्रेशन और यूरोस्केप्टिक फ्रीडम पार्टी के बिना सरकार बनाने की कोशिश कर रही हैं। 29 सितंबर को हुए चुनाव में फ्रीडम पार्टी ने पहली बार सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में उभरने के बाद सरकार बनाने की कोशिश की थी।
विज्ञापन


पहले भी सरकार बनाने किए गए प्रयास
पहली बार इन तीनों पार्टियों ने सरकार बनाने की कोशिश जनवरी में की थी, लेकिन वह विफल रही। इसके बाद, तत्कालीन चांसलर कार्ल नेहमर ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद, राष्ट्रपति ने फ्रीडम पार्टी के नेता हर्बर्ट किकल को सरकार बनाने के लिए कहा था। लेकिन किकल भी पीपुल्स पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाने में असफल रहे। 12 फरवरी को दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाकर बातचीत तोड़ दी। इसके बाद, मुख्यधारा की तीनों पार्टियों ने फिर से सरकार बनाने पर सहमति बनाई, ताकि नए चुनाव की जरूरत न पड़े, जिससे उनके लिए और मुश्किलें खड़ी हो सकती थीं।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें