कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह प्रभावित भारत से घर लौट रहे नागरिकों पर ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने अस्थायी रूप से यात्रा प्रतिबंध लगाया है। अब इसे सिडनी में संघीय अदालत में गुरुवार को 73 वर्षीय एक ऑस्ट्रेलियाई व्यक्ति ने चुनौती दी है। बता दें कि यह व्यक्ति पिछले साल मार्च महीने से बंगलूरू में फंसा हुआ है।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपने उन नागरिकों के घर लौटने पर प्रतिबंध लगाया है, जिन्होंने भारत में 14 दिन तक समय बिताया है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर मुकदमा चलाने की चेतावनी दी गई है। इसमें पांच साल की जेल की सजा या 66,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 37.7 लाख रुपये) का जुर्माना लग सकता है।
सरकार के इस आदेश के खिलाफ यह याचिका मेलबर्न के निवासी गैरी न्यूमैन ने दायर की है, जो पिछले साल मार्च से बंगलूरू में फंसे हुए हैं। संघीय अदालत के मुख्य न्यायाधीश जेम्स ऑलसॉप ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई आगामी सोमवार के लिए निर्धारित की है और इसकी सुनवाई न्यायमूर्ति थॉमस थावले करेंगे।
गैरी न्यूमौन की याचिका में 30 अप्रैल को स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट द्वारा जैव सुरक्षा अधिनियम के तहत की गई एक आपातकालीन घोषणा को कई आधारों पर चुनौती दी गई है। जानकारी के अनुसार न्यूमैन का प्रतिनिधित्व कर रहे माइकल ब्रैडली और क्रिस वार्ड ने बुधवार को न्यायमूर्ति स्टीफन बुर्ली के समक्ष याचिका दायर की थी।