महिलाओं के यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना से जुड़े स्कैंडल उजागर होने के दो माह बाद आखिरकार ऑस्ट्रेलिया सरकार चेत गई है। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन संसद समेत अन्य कार्यस्थलों पर महिलाओं से बढ़ती छेड़छाड़ व दुर्व्यवहार रोकने और जवाबदेही के लिए मानवाधिकार आयुक्त की सभी 55 सुझाव मानने को राजी हो गए। साथ ही उन्होंने लिंग भेदभाव कानून से जजों-सांसदों को मिली छूट खत्म करने का वादा भी किया।
मॉरिसन ने महिलाओं के सम्मान बहाली के लिए देश के सामने ‘रोडमैप फॉर रिस्पेक्ट’भी पेश किया। पीएम ने कहा, वह एक नया कानून बनाएंगे, जिसमें पीड़िता को घटना के दो साल बाद तक शिकायत दर्ज कराने का अधिकार होगा।
जानकार कहते हैं कि मॉरिसन द्वारा बताए गए सुधार अगर लागू होते हैं तो ऑस्ट्रेलिया ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका जैसे लोकतंत्र की श्रेणी में शुमार हो जाएगा।