फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Australia: ऑस्ट्रेलिया में बच्चों को सोशल मीडिया के जाल से बचाने वाला बिल पास; उल्लंघन करने वालों की खैर नहीं

Wed, 27 Nov 2024 08:00 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैनबेरा

सार

आजकल बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी स्मार्टफोन के आदी हो चुके हैं। सोशल मीडिया और उसका बच्चों पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को लेकर ऑस्ट्रेलिया सख्त हो गया है। उसने बच्चों को सोशल मीडिया पर प्रतिबंधित करने के लिए विधेयक जारी किया है। 
 
विज्ञापन
सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे बच्चे (प्रतिकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आजकल बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी स्मार्टफोन के आदी हो चुके हैं। सोशल मीडिया सभी की जिंदगी का एक सक्रिय हिस्सा बन गया है, जिसे चाहते हुए भी नजरअंदाज नहीं कर पाते हैं। लोग अपने काम छोड़कर घंटों सोशल मीडिया पर समय गुजारने लगे हैं। जीवन के हर क्षेत्र में इसके बढ़ते प्रभाव के कारण विशेषज्ञ शारीरिक और मानसिक सेहत को लेकर चिंता जाहिर करने लगे हैं। खासकर बच्चों और किशोरों की मानसिक हालत पर इसका खतरनाक असर पड़ रहा है। ऐसे में अब ऑस्ट्रेलिया ने एक बड़ा फैसला लिया है। उसने एक ऐसा विधेयक पारित किया है, जिसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया पर प्रतिबंधित किया जा सकता है। 

विज्ञापन


इतने करोड़ डॉलर लगेगा जुर्माना
कई प्रमुख दलों ने निचले सदन में पेश हुए विधेयक का समर्थन किया है। अब इसके तहत टिकटॉक, फेसबुक, स्नैपचैट, रेडिट, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे मंचों पर छोटे बच्चों के खातों पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही अगर ये मंंच ऐसा करने में नाकाम रहे तो पांच करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (3.3 करोड़ डॉलर) तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

कितने पक्ष में पड़े वोट
विधेयक के विपक्ष में 13, जबकि पक्ष में 102 वोट पड़े। अधिक वोट पक्ष में आने पर कानून को पारित कर दिया गया। बता दें, अगर विधेयक इस सप्ताह कानून बन जाता है, तो प्लेटफार्मों को आयु प्रतिबंध करने के तरीके पर काम करने के लिए एक साल दिया जाएगा। इस दौरान जुर्माना नहीं लगया जाएगा। 
विज्ञापन


मंच इन दस्तावेजों को देने के लिए नहीं कर सकते मजबूर
विपक्षी सांसद डैन तेहान ने संसद को बताया कि सरकार सीनेट में संशोधनों को स्वीकार करने के लिए सहमत हो गई है जो गोपनीयता की सुरक्षा को मजबूत करेगा। प्लेटफार्मों को उपयोगकर्ताओं को पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस सहित सरकार द्वारा जारी पहचान दस्तावेज देने के लिए मजबूर करने की अनुमति नहीं होगी। प्लेटफॉर्म सरकारी प्रणाली के माध्यम से डिजिटल पहचान की मांग भी नहीं कर सकते।

उन्होंने आगे कहा, 'क्या यह सही होगा? नहीं। लेकिन क्या कोई कानून सही है? नहीं, यह नहीं। लेकिन अगर यह मदद करता है, भले ही यह सिर्फ छोटे तरीकों से मदद करता है, तो यह लोगों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव लाएगा।'

आलोचकों का क्या तर्क?
वहीं, संचार मंत्री मिशैल रॉलैंड का कहना है कि सीनेट बुधवार को बाद में विधेयक पर बहस करेगी। जो सांसद सरकार या विपक्ष के साथ गठबंधन नहीं कर रहे थे, वे मंगलवार और बुधवार को बहस के दौरान कानून के सबसे अधिक आलोचक थे। उनका मानना था कि यह कानून काम नहीं करेगा। सभी उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए गोपनीयता जोखिम पैदा करेगा और माता-पिता के तय करने के अधिकार को छीन लेगा कि उनके बच्चों के लिए सबसे अच्छा क्या है।
विज्ञापन


आलोचकों का यह भी तर्क है कि प्रतिबंध बच्चों को अलग कर देगा। उन्हें सोशल मीडिया के सकारात्मक पहलुओं से वंचित करेगा, बच्चों को डार्क वेब पर ले जाएगा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें