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Australia Parliament: ऑस्ट्रेलियाई संसद की कार्यवाही शुरू होते ही गाजा पर संग्राम, इस्राइल पर प्रतिबंध की मांग

Tue, 22 Jul 2025 03:35 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न

सार

ऑस्ट्रेलिया की नई संसद शुरू होते ही गाजा युद्ध को लेकर विरोध तेज हो गया। संसद के बाहर प्रदर्शनकारियों ने इस्राइल पर प्रतिबंध लगाने की मांग की, जबकि संसद में ग्रीन पार्टी की नेता ने शांतिपूर्ण विरोध जताया। सरकार ने कुछ इस्राइली मंत्रियों पर प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन व्यापक प्रतिबंध की मांग तेज हो रही है। वहीं, विपक्ष ने सरकार के संयुक्त बयान पर चिंता जताई है।

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ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज - फोटो : X-@AlboMP
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विस्तार
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ऑस्ट्रेलिया की नई संसद की शुरुआत ऐसे समय हुई जब देश के अंदर और बाहर कई मुद्दे गर्माए हुए हैं। मंगलवार को जब संसद का सत्र शुरू हुआ, उसी समय सैकड़ों प्रदर्शनकारी संसद भवन के बाहर जुटे और गाजा युद्ध को लेकर इस्राइल पर कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की। संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखी गईं। ऑस्ट्रेलिया पहले ही कुछ इस्राइली नेताओं पर व्यक्तिगत प्रतिबंध लगा चुका है, लेकिन देश में अब व्यापक प्रतिबंध की मांग बढ़ रही है।
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ऑस्ट्रेलिया की संसद में मंगलवार को नए सत्र की शुरुआत हुई, जिसमें प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी भारी बहुमत के साथ लौटी है। यह सत्र हालांकि परंपरागत रूप से औपचारिक रहा, लेकिन गाजा संघर्ष की गूंज संसद भवन में भी सुनाई दी। संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इस्राइल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की और ‘गाजा को न्याय दो’ जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों को संसद में घुसने से रोका गया
सुरक्षा अधिकारियों ने लगभग 15 प्रदर्शनकारियों को संसद के ऊपरी सदन की गैलरी में प्रवेश करने से रोक दिया। ये प्रदर्शनकारी उस समय अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे जब अटॉर्नी जनरल सैम मोस्टिन संसद को संबोधित कर रहे थे। इस बीच, ग्रीन पार्टी की उप नेता सीनेटर मेहरीन फारुकी ने एक पोस्टर लहराकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया जिस पर लिखा था, 'गाजा भूखा है, केवल शब्द नहीं, इस्राइल पर प्रतिबंध लगाओ।'
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इस्राइली नेताओं पर व्यक्तिगत प्रतिबंध
ऑस्ट्रेलिया ने पहले ही इस्राइल के दो मंत्रियों इतामार बेन गविर और बेजेल स्मोट्रिच पर वित्तीय और यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक इस्राइल के खिलाफ किसी व्यापक राज्य-स्तरीय प्रतिबंध की घोषणा नहीं की है। प्रदर्शनकारियों और ग्रीन पार्टी की मांग है कि ऑस्ट्रेलिया को अब और कड़े कदम उठाने चाहिए।

गाजा पर ऑस्ट्रेलिया की प्रतिक्रिया
ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में 27 अन्य देशों के साथ मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया है। इसमें गाजा युद्ध पर कहा गया था कि अब ये युद्ध खत्म होना चाहिए। गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने इसे अब तक का सबसे सख्त बयान बताया। उन्होंने कहा कि जो कुछ हम देख रहे हैं, वह असहनीय है। बंधकों की रिहाई जरूरी है, लेकिन युद्ध का अंत भी उतना ही जरूरी है।

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विपक्षी नेता जोनाथन डुनियम ने सरकार की इस अंतरराष्ट्रीय पहल को ‘चिंताजनक’ बताया और कहा कि बयान में कई महत्वपूर्ण बातें छूट गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी घोषणाएं करने से पहले गहन सोच-विचार करना चाहिए था। इस पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखी गई।
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ऑस्ट्रेलिया की नई संसद में समीकरण
2024 के चुनावों में लेबर पार्टी ने 150 सीटों में से 94 पर जीत हासिल की, जो 1996 के बाद सबसे बड़ी जीत है। वहीं विपक्षी लिबरल पार्टी अब केवल 43 सीटों पर सिमट गई है। सीनेट में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं है, जिससे यह साफ है कि सरकार को इस्राइल पर और प्रतिबंध लगाने के लिए या फिर उससे जुड़ा कोई कानून पास कराने के लिए उसे विपक्ष या ग्रीन पार्टी के साथ समझौता करना होगा।


 
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