मॉरिसन ने कहा कि वह हांगकांग में प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई की खबर से दुखी थे। एक सवाल के जवाब में कि क्या ऑस्ट्रेलिया हांगकांग के नागरिकों को सुरक्षित पनाहगाह देगा, उन्होंने कहा, 'हम इस पर बहुत सक्रियता से विचार कर रहे हैं और हमारे पास ऐसे प्रत्साव भी हैं जो मैंने कुछ सप्ताह पहले लाने को कहे थे।' उन्होंने कहा कि कैबिनेट जल्द ही हांगकांग के सामने ब्रिटेन जैसी पेशकश रखने पर विचार करेगी।
उन्होंने कहा, जब हम इस पर अंतिम निर्णय ले लेंगे, तब हम इसका एलान करेंगे, लेकिन अगर आप यह पूछ रहे हैं कि क्या हम हांगकांग के नागरिकों को सहायता देने के लिए तैयार हैं तो इसका जवाब हां है। उन्होंने आगे कहा कि वे हांगकांग में हो रहे घटनाक्रम से काफी चिंतित हैं और इस मामले में उनकी विचारधारा अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों के अनुरूप है।
हांगकांग में चीन का नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून आते ही पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। लोकतंत्र समर्थकों ने बुधवार को चीन के खिलाफ रैली निकाली। इसपर पुलिस ने 300 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। इस रैली का आयोजन हांगकांग के हस्तांतरण को 23 साल पूरे होने पर किया गया था। बता दें कि ‘द लीग ऑफ सोशल डेमोक्रेट्स’ संगठन ने प्रदर्शन किया था।
ब्रिटेन ने हांगकांग के नागरिकों को कुछ शर्तों के साथ ब्रिटिश नागरिकता देने का फैसला किया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने खुद इसकी पुष्टि की है। बता दें कि ब्रिटेन ने एक जुलाई 1997 को चीन को हांगकांग सौंपा था। जॉनसन ने कहा कि चीन ने यह कानून लाकर सिनो-ब्रिटिश संयुक्त घोषणापत्र का उल्लंघन किया है, जिसमें साफ लिखा है कि हांगकांग में 50 साल तक स्वायत्त क्षेत्र के नियम लागू रहेंगे।