ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल की शोधकर्ता वीना सहजवाला को बैट्री व उपभोक्ता कचरे को रिसाइकिल करने में उन्नत विनिर्माण क्षमता विकसित करने के लिए 33 लाख डॉलर का अनुदान मिला है। इस तकनीक से बैट्री व उपभोक्ता कचरे को छोटे उत्पादों की शक्ल दी जा सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स की सेंटर फॉर सस्टेनेबल मटेरियल्स रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी की संस्थापक प्रोफेसर वीना अब एक हब का नेतृत्व करेंगी, जिसका उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया के अपशिष्ट और रिसॉर्स रिकवरी इंडस्ट्री को बदलना है।
यूनिवर्सिटी ने बयान जारी कर कहा, इस परियोजना से सिंथेसिस तकनीक और अपशिष्ट पर उच्च तापमान की जानकारी एकत्रित होगी। यह पता चल सकेगा कि धातु, ऑक्साइड और कार्बन समेत अन्य पदार्थों व उत्पादों के अपशिष्ट को किस तरह दोबारा प्रयोग में लाया जा सकता है।
इसका उद्देश्य व्यावसायिक रूप से ऐसी प्रौद्योगिकी और प्रक्रियाओं को अपनाना है, जहां अपशिष्ट को दोबारा से सामग्री में बदला जा सके। इससे रोजगार बढ़ेगा और पर्यावरण भी सुधरेगा।