म्यांमार की नेता आंग सान सू की मंगलवार को रोहिंग्या मुस्लिमों के नरसंहार से जुड़े आरोपों का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय अदालत पहुंची। मुस्लिम बहुल अफ्रीकी देश गांबिया की ओर से दायर मुकदमे में पेशी के लिए सू की को यहां बुलाया गया है। 57 सदस्यों वाले मुस्लिम सहयोग संगठन की ओर से गांबिया ने अदालत से आपात उपाय करने को कहा ताकि म्यांमार में जारी ‘नरसंहार कार्रवाइयों’ को रोका जा सके।
गांबिया के न्याय मंत्री अबुबासर तंबादो ने अदालत के न्यायाधीशों को बताया कि रोहिंग्या मुद्दे पर म्यांमार और गांबिया के बीच विवाद गहरा गया है। म्यांमार ने 1948 की नरसंहार संधि का उल्लंघन किया है और गांबिया इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय अदालत में उठाता है। उन्होंने कहा गांबिया चाहता है कि अदालत म्यांमार से इन हत्याओं को रोकने के लिए कहे।
म्यांमार खुद के लोगों का नरसंहार रोके। उन्होंने आरोप लगाया कि म्यांमार में रोहिंग्याओं पर अत्याचार इस कदर हैं कि वहां एक साल के बच्चे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आठ महीने की गर्भवती का यौन उत्पीड़न किया गया।
इस दौरान सू की ने गांबिया के वकीलों की बात सुनी। जबकि करीब 50 रोहिंग्या समर्थक प्रदर्शनकारी अदालत के बाहर सू की के खिलाफ नारे लगाते रहे। हालांकि इस दौरान कुछ संख्या में सू की के समर्थक भी अदालत के बाहर मौजूद थे।