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खालिस्तानियों का दुस्साहस: 'मैं डर से कांप रहा हूं, गुंडों ने धमकाया', कनाडाई पत्रकार ने सुनाई हमले की आपबीती

Sun, 08 Jun 2025 02:17 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वैंकूवर

सार

कनाडाई पत्रकार मोचा बेजिरगन पर बैंकवूर शहर में हमला किया गया। वह यहां पर खालिस्तानियों की एक रैली को कवर कर रहे थे। सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में पत्रकार ने हमले की पूरी कहानी साझा की। 
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पत्रकार मोचा बेजिरगन। - फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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कनाडा के वैंकूवर में खालिस्तानियों ने एक पत्रकार पर हमला किया। हमले की आपबीती पत्रकार मोचा बेजिरगन ने बताते हुए कहा कि मैं अभी भी कांप रहा हूं। मुझे गुंडो ने धमकाया है।  पत्रकार मोचा बेजिरगन ने कहा कि मैं खालिस्तानियों की एक रैली को कवर कर रहा था। हमला करीब दो घंटे पहले हुआ और मैं अभी भी कांप रहा हूं। मुझे कई खालिस्तानियों ने घेर लिया था। उन्होंने गुंडों की तरह व्यवहार किया। उन्होंने मुझे घेर लिया, मुझे धमकाया और मेरे साथ मारपीट की। मेरा फोन छीन लिया। 
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पत्रकार ने कहा कि एक व्यक्ति लंबे समय से मेरे खिलाफ अमानवीय भाषा का उपयोग करके मुझे परेशान कर रहा था। हमला उसी ने किया है। वह कनाडाई नागरिक भी नहीं है। वह यूके से है। मैं कनाडा, यूके, यूएस, न्यूजीलैंड में खालिस्तान विरोध प्रदर्शनों को कवर करता रहा हूं। मेरा एकमात्र लक्ष्य स्वतंत्र पत्रकारिता करना और जो कुछ हो रहा है उसे रिकॉर्ड करना और रिपोर्ट करना है। 
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वे मुझे खरीदना चाहते हैं
मोचा बेजिरगन ने कहा कि मैं संपादकीय रूप से स्वतंत्र हूं, इससे कुछ लोग निराश हो जाते हैं। वे मुझे प्रभावित करना चाहते हैं। मुझे खरीदना चाहते हैं। मैं बस उस कार्यक्रम की रिपोर्टिंग कर रहा था, जिसमें खालिस्तानी इंदिरा गांधी के हत्यारों सहित अपने जान गंवाने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए एकत्र हुए थे। 

दो-तीन लोगों ने मुझे घेरा
पत्रकार मोचा बेजिरगन ने कहा कि एक व्यक्ति मेरे पास आया और मुझसे सवाल पूछने लगा। वह मेरे चेहरे के बहुत करीब था। फिर अचानक दो-तीन लोगों ने मुझे घेर लिया और मेरे पास जाने के लिए कोई जगह नहीं थी। मैं अपने मुख्य कैमरे से गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग कर रहा था। जैसे ही मैंने रिकॉर्डिंग शुरू की, उन्होंने अपना चेहरा दूसरी ओर कर लिया, लेकिन एक व्यक्ति मेरी ओर बढ़ता रहा और फिर आखिरकार उसने एक पल के लिए मेरा फोन मेरे हाथ से छीन लिया। इसने मेरी रिकॉर्डिंग बंद कर दी और जब मैंने वापस चालू किया, तो पुलिस उसे रोक रही थी। 

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पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई
पत्रकार ने कहा कि मैंने हमला करने वाले के खिलाफ पहले भी पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई है और उसे मुक्त घूमने की अनुमति देना एक बड़ी निराशा है। मुझे लगता है कि उसे वापस यूके भेज दिया जाना चाहिए। मेरे पास और भी फुटेज हैं जिन्हें मैं अपने चैनल पर अपलोड करने वाला हूं। वह पूरे परेड के दौरान मेरा पीछा करता रहा। वह ट्रेन तक मेरे पीछे-पीछे आया। 


 
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कार्नी पर डाला जा रहा पीएम मोदी दिए निमंत्रण को रद्द करने का दबाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जी 7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किए जाने पर कनाडाई पत्रकार ने कहा कि यह एक बड़ा कदम है कि प्रधानमंत्री कार्नी ने प्रधानमंत्री मोदी को जी 7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कनाडा आमंत्रित किया है। हम देखेंगे कि यह कैसे होता है, क्योंकि खालिस्तानी तत्वों और विश्व सिख संगठन की ओर से प्रधानमंत्री कार्नी पर इस समय बहुत दबाव बनाया जा रहा है कि उन्हें निमंत्रण रद्द कर देना चाहिए। भले ही वह निमंत्रण रद्द न करें, हम देखेंगे कि बैठक वास्तव में कैसे होती है। लेकिन एक बात निश्चित है, खालिस्तानी तत्व विरोध करेंगे और अल्बर्टा में यह बहुत ही दिलचस्प समय होने वाला है। जी 7 शिखर सम्मेलन की तिथि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की तिथि से मेल खाती है। मुझे नहीं लगता कि इससे पहले कभी इतना जोखिम भरा समय रहा है। 

खालिस्तानी चरमपंथ को लेकर कनाडाई पत्रकार मोचा बेजिरगन ने कहा कि यह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का आंदोलन है। वे ही इसे संगठित कर रहे हैं और वही लोग इन विरोध प्रदर्शनों में भाग लेते हैं। वे थोड़ी भीड़ बनाने के लिए स्थानीय गुरुद्वारों से लोगों को जुटाते हैं, लेकिन कनाडा में स्थित विश्व सिख संगठन जैसे बड़े राजनीतिक संगठन हैं और उनका इतिहास परेशानियों से भरा रहा है। कनाडा और भारत के बीच तनाव के कारण यह बहुत ही राजनीतिक विषय है, लेकिन मुझे लगता है कि हम भूमिगत हो रही घटनाओं को अनदेखा कर रहे हैं। ये लोग इंदिरा गांधी के हत्यारों का जश्न मनाते हुए अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग कैसे कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वे जी 7 में भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की राजनीति को घात लगाकर मार डालेंगे। मैंने उनसे पूछा कि क्या आप उनकी राजनीति को उसी तरह खत्म करने जा रहे हैं जैसे आपने इंदिरा गांधी की राजनीति को खत्म किया था? क्योंकि वे हत्यारों को अपने पूर्वज बताते हैं। वे कहते हैं कि हम इंदिरा गांधी के हत्यारों के वंशज हैं और वे हिंसा के इन कृत्यों का महिमामंडन कर रहे हैं। 

 
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