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Attack on Trump: पहले भी हो चुका है ट्रंप पर जानलेवा हमला, पेंसिलवेनिया की रैली में कान को छूकर निकली थी गोली

Sun, 26 Apr 2026 08:32 AM IST
Shivam Garg वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिका में लगातार दो हाई-प्रोफाइल घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया है। पहले पेन्सिलवेनिया रैली में डोनाल्ड ट्रंप पर हमला और अब वाशिंगटन हिल्टन होटल में गोलीबारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन स्थित हिल्टन होटल में शनिवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब व्हाइट हाउस संवाददाता डिनर के दौरान अचानक गोलीबारी की घटना सामने आई। इस घटना ने पूरे कार्यक्रम स्थल को कुछ ही सेकंड में दहशत में बदल दिया।

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प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जैसे ही गोलियों की आवाजें सुनाई दीं, सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आ गए और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें किसी तरह की चोट नहीं आई है।

इस कार्यक्रम में उस समय उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी मौजूद थे। जैसे ही स्थिति बिगड़ी, सुरक्षा एजेंसियों ने सभी वरिष्ठ नेताओं को तत्काल वहां से बाहर निकाल लिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि एक हमलावर ने गोलीबारी की थी। वहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने दावा किया कि उन्होंने लगभग 5 से 8 गोलियों की आवाज सुनी, जिसके बाद पूरे हॉल में अफरा-तफरी मच गई।
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ट्रंप पर पहले भी हुआ था हमला
गौरतलब है कि इससे पहले भी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर 14 जुलाई को पेंसिलवेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली के दौरान हमला हो चुका है। उस घटना में एक शूटर ने ऊंचाई वाली जगह से गोली चलाई थी, जिसमें ट्रंप के दाहिने कान के पास चोट लगी थी। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। ट्रंप ने उस घटना के बाद कहा था कि गोली उनके कान को भेदते हुए निकल गई थी और उन्होंने अमेरिकी सीक्रेट सर्विस का आभार जताया था। घटना के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था।

कौन था ट्रंप पर गोली चलाने वाला 20 वर्षीय युवक
एफबीआई ने बाद में हमलावर की पहचान 20 वर्षीय थॉमस मैथ्यू के रूप में की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने लगभग 130 कदम की दूरी से ऊंचाई वाली जगह से ट्रंप पर निशाना साधा था। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में उसे ढेर कर दिया था। जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से एआर-स्टाइल राइफल भी बरामद की थी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसने यह हमला क्यों किया।

हमला करने वाला अकेले था; वजह अब भी रहस्य
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला करने की कोशिश करने वाला युवक अकेले ही काम कर रहा था और इसमें किसी विदेशी साजिश के कोई संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि इस हमले के पीछे की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, 20 वर्षीय आरोपी थॉमस क्रूक्स की सोच में अलग-अलग विचारधाराओं का मिश्रण था। FBI ने यह भी बताया कि क्रूक्स की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री खंगाली गई है और उसके मोबाइल व कंप्यूटर से कई अहम जानकारियां मिली हैं। उसकी कार से कुछ अस्थायी विस्फोटक उपकरण भी बरामद किए गए।

64 दिन बाद फिर ट्रंप पर जानलेवा हमला
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पेंसिलवेनिया रैली के 64 दिन बाद एक बार फिर जानलेवा हमले की कोशिश हुई थी। यह घटना फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी स्थित इंटरनेशनल गोल्फ क्लब में हुई थी, जहां ट्रंप गोल्फ खेल रहे थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप की सुरक्षा में तैनात यू.एस. सीक्रेट सर्विस के एजेंट ने झाड़ियों में एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा था। उसके पास AK-47 जैसी दिखने वाली राइफल और एक गो-प्रो कैमरा भी मौजूद था। बंदूक का निशाना सीधे गोल्फ कोर्स की तरफ किया गया था। ट्रंप और संदिग्ध के बीच दूरी लगभग 300 से 500 मीटर बताई गई थी। खतरा देखते ही सुरक्षा एजेंट ने तुरंत फायरिंग की थी, जिसके बाद संदिग्ध अपनी ब्लैक SUV में बैठकर मौके से फरार हो गया था।
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घटना के दौरान एक चश्मदीद ने संदिग्ध की गाड़ी की तस्वीर ले ली थी, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला था। नंबर प्लेट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने गाड़ी का पीछा किया और करीब 60 किलोमीटर दूर हाईवे पर उसे पकड़ लिया था। संदिग्ध की पहचान 58 वर्षीय रयान रॉथ (Ryan Routh) के रूप में हुई थी। सीक्रेट सर्विस ने पुष्टि की थी कि ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित थे।

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