महिला सशक्तीकरण पर संयुक्त राष्ट्र मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में देश की ओर से वक्तव्य देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रीतम बी. यशवंत ने कहा कि शिक्षा में असमानता में कमी को दर्शाने वाले क्षेत्रीय रुझानों के अनुरूप, आज मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत ने शिक्षा के सभी स्तरों पर लैंगिक समानता हासिल कर ली है।
भारत ने मंगलवार को कहा कि उसने शिक्षा के सभी स्तरों पर लैंगिक समानता हासिल कर ली है और अब वह गैर-परंपरागत क्षेत्रों में महिलाओं की कार्यबल भागीदारी बढ़ाने तथा लैंगिक आधार पर वेतन अंतर और डिजिटल विभाजन को पाटने को प्राथमिकता दे रहा है। भारत ने महिलाओं के “समय के अभाव” को कम करने के लिए स्वच्छ खाना पकाने वाले ईंधन, नल के पानी के कनेक्शन और शौचालयों के निर्माण जैसे लैंगिक-संवेदनशील समाधानों पर काम किया है।
विज्ञापन
महिला सशक्तीकरण पर संयुक्त राष्ट्र मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में देश की ओर से वक्तव्य देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रीतम बी. यशवंत ने कहा कि शिक्षा में असमानता में कमी को दर्शाने वाले क्षेत्रीय रुझानों के अनुरूप, आज मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत ने शिक्षा के सभी स्तरों पर लैंगिक समानता हासिल कर ली है। एसटीईएम विषयों में महिलाओं का अनुपात विश्व स्तर पर सबसे अधिक है। उन्होंने कहा, भारत ने बड़े पैमाने पर नीतियों को आगे बढ़ाया है जो महिलाओं के कठिन परिश्रम को कम करती हैं।
तीन दिनी सम्मेलन में कार्रवाइयों पर चर्चा
बीजिंग+30 समीक्षा पर एशिया-प्रशांत मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में लैंगिक समानता व महिला सशक्तीकरण के समर्थन में प्रगति संबंधी कार्रवाइयों पर चर्चा के लिए सरकारों, नागरिक संस्थाओं और युवा समूहों, निजी क्षेत्र और शिक्षा जगत के 1,200 से अधिक प्रतिनिधि जुटे। एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (ईएससीएपी) और यूएन-महिला द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित तीन दिनी सम्मेलन, अगले वर्ष बीजिंग घोषणापत्र और कार्रवाई मंच की 30वीं वर्षगांठ से पहले बैंकॉक में चल रहा है।
विज्ञापन
समानता का सिद्धांत
यशवंत ने कहा, भारत द्वारा बीजिंग घोषणापत्र और कार्यवाही मंच का क्रियान्वयन हमारे संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के सिद्धांत पर आधारित है, तथा यह सीईडीएडब्ल्यू के प्रति हमारी प्रतिबद्धता से प्रेरित है। महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, भारत ने शासन में एक आदर्श बदलाव देखा है, जिससे यह सुनिश्चित हो सका कि महिलाएं हमारे विकास पथ को आकार देने वाले उपायों की अवधारणा, डिजाइन और निगरानी में अग्रणी भूमिका निभाएं। हम लैंगिक आधार पर वेतन में होने वाले अंतर, लैंगिक डिजिटल विभाजन को पाटने तथा बेहतर स्वास्थ्य, कल्याण और पोषण संबंधी परिणामों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत नई दिल्ली के नेताओं के घोषणापत्र में भी परिलक्षित हुआ है।