उल्लेखनीय है कि अबी अहमद के शासन में जमीन और संसाधनों को लेकर जातीय हिंसा के मुद्दे लगातार सामने आते रहे हैं। अबी अप्रैल 2018 में इथोपिया के प्रधानमंत्री बने थे। नवंबर अंत में सरकारी बलों द्वारा क्षेत्रीय राजधानी मेकेल पर नियंत्रण हासिल करने के बाद टीपीएलएफ (टाइग्रे पीपल्स लिबनेशन फ्रंट) के खिलाफ उन्होंने जीत की घोषणा की थी।
उनकी सरकार इन सब घटनाओं में उत्तर-पूर्वी अफ्रीकी देश एरित्री (Eritrea) की संलिप्तता से इनकार किया है। लेकिन, हाल ही में अपने इस दावे से जरूर पीछे हटी है कि इस अभियान में किसी नागरिक की जान नहीं गई थी। विदेश मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि उन इलाकों में दुष्कर्म, लूट और सामूहिक नरसंहार की घटनाएं हो सकती हैं जहां लोग अवैध हथियारों से लैस होंगे।
मंत्रालय ने टाइग्रेयन लड़ाकों को क्षेत्र के पिछड़े रह जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया। कई मानवीय संगठन चेतावनी दे चुके हैं कि यहां वैसी ही भुखमरी आ सकती है जिस स्तर की 1980 के दशक के दौरान आई थी। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार टाइग्रे समुदाय की आबादी करीब 60 लाख है, जिसमें से 80 फीसदी आबादी मदद से दूर हैं।
दिसंबर में इथोपिया में हुई एक जातीय हिंसा के दौरान कथित तौर पर हुए नरसंहार में कम से कम 102 सामान्य नागरिक मार दिए गए थे। यह हमला प्रधानमंत्री की वहां यात्रा के एक दिन बाद हुआ था। जिन्होंने विद्रोहियों से निपटने के लिए सेना को कार्रवाई करने की अनुमति दे दी थी।
अबी अहमद को साल 2019 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें यह पुरस्कार एरित्री में 20 साल से चल रहे विवाक को समाप्त करने में उनके योगदान के लिए दिया गया था। हालांकि, वह अपने ही देश में जातीय हिंसा की घटनाओं से निपटने में नाराम साबित हो रहे हैं। इस समय इथोपिया में 90 से अधिक जातीय समूहों के बीच तनाव चल रहा है।
कहा जाता है कि यह एक लकड़ी का बना और सोने से मढ़ा हुआ एक संदूक है जिसमें दो पत्थर लिखे हुए हैं। इन पत्थरों पर वो 10 आज्ञाएं लिखी हुई हैं, जिन्हें मोसेस माउंट सिनाई से लाए थे। यह भी कहा जाता है इस संदूक में कई और ऐसी वस्तुएं हैं जिनका बाइबिल में उल्लेख है और इन वस्तुओं में जादुई शक्तियां है।
वर्तमान में यह कहां है इसके बारे में किसी को कुछ पता नहीं है। लेकिन इसके बारे में कुछ किस्से जरूर कहे जाते हैं। इनके अनुसार यह संदूक जॉर्डन में माउंड नेबो, दक्षिण अफ्रीका, इथोपिया, मिस्र और यूरोप के कुछ अन्य हिस्सो में हो सकता है।
इथोपिया के ईसाई लंबे समय से दावा करते आए हैं कि यह संदूक एग्जम में चर्च ऑफ आवर लेडी मैरी ऑफ जिओन में सुरक्षा में रखा हुआ है।
ओल्ड टेस्टामेंट (बाइबिल का पहला हिस्सा) के अनुसार, आर्क को सदियों तक येरुशलम में सोलोमन के मंदिर में रखा गया था, लेकिन 586 या 587 ईसा पूर्व में येरुशलम पर हमले के बाद यह गायब हो गया था।
इथोपिया के ईसाई मानते हैं कि संदूक को 10वीं शताब्दी में एग्जम लाया गया था। इसे यहां इस्रायल के राजा सोलोमन और रानी शेबा का बेटा मेनेलिक लेकर आया था।