अफ्रीकी देश कांगो में बाढ़ और भू स्खलन के कारण 40 और लोगों की मौत हो गई है। इससे पहले सोमवार को 20 लोगों की मौत हो चुकी है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार रातभर भारी बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन हुआ, जिससे निवासियों के शवों को खोजने के लिए कीचड़ में खुदाई करनी पड़ी।
रॉयटर्स के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बुधवार को बुकावू शहर में लोग यह देखने के लिए इकट्ठा हो गए कि लोगों का एक समूह एक महिला के शव को निकालने के लिए एक कार को कीचड़ से बाहर निकाल रहा है।
दोनों स्थानों के अधिकारियों के अनुसार, बुकावु में कम से कम 20 लोग मारे गए और बुकावु से 50 किलोमीटर (31 मील) दूर बुरिनी गांव में कम से कम 20 से अधिक लोग मारे गए। बुकवु निवासी यवोन मुकुपी, जो कि यवोन बाढ़ से बचने में सक्षम थी, उन्होंने कहा कि उसका पड़ोसी बाढ़ के पानी में बह गया था।
खराब शहरी नियोजन और कमज़ोर बुनियादी ढांचा मुकुपी जैसे समुदायों को अत्यधिक वर्षा के प्रति अधिक संवेदनशील बनाते हैं, संयुक्त राष्ट्र के जलवायु विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते तापमान के कारण अफ्रीका में यह अधिक तीव्र और लगातार होता जा रहा है।
कचरे के कारण अवरुद्ध हो जाता है जलमार्ग
बुकावु के अधिकारी इमैनुएल मजीवुनो कलिम्बा ने घटनास्थल पर रॉयटर्स को बताया, 'जब बारिश होती है, तो कचरे के कारण मुख्य जलमार्ग कभी-कभी अवरुद्ध हो जाता है, इसलिए इसमें बाढ़ आ जाती है और इसका असर घरों पर पड़ता है'।
कसाई-मध्य प्रांत में मंगलवार को रातभर तबाही हुई। इसमें कम से कम 22 लोगों की मौत के बाद हो गई, वहीं भूस्खलन ने घरों, चर्चों और सड़कों को निगल लिया, जिससे पूरे परिवार मारे गए और लोग बेघर हो गए।