इंडोनेशिया के बाली में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने विश्व के कई नेताओं के साथ संबंध सुधारने का अवसर खो दिया और इसके पीछे की वजह उनकी तानाशाही बताई जा रही है। दरअसल, जिनपिंग की योजना थी कि वे g-20 समिट में भी अपनी धौंस जमाएंगे लेकिन उनकी उम्मीद पर उस समय पानी फिर गया जब कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने जमकर खरी-खोटी सुना दी। इसके बाद दूसरी बड़ी चूक ये रही कि वे ब्रिटेन के नए पीएम से भी रिश्ते नहीं सुधार सके जिसका परिणाम यह हुआ कि ब्रिटेन के पीएम ने जिनपिंग के साथ अपनी बैठक टाल दी।
ट्रूडो और जिनपिंग की बहस
इंडोनेशिया के बाली में G-20 शिखर बैठक के दौरान मिले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच जोरदार बहस हो गई। दरअसल, दोनों वैश्विक नेताओं के बीच 15 नंवबर को मुलाकात हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच हुई वार्ता की डिटेल मीडिया में आने को लेकर जिनपिंग भड़क गए। बाद में एक सत्र के दौरान जस्टिन ट्रूडो से सामना होते ही चीनी राष्ट्रपति ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह इस तरह बात करने का कोई तरीका नहीं होता कि सारी बातों की जानकारी मीडिया को दे दी जाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिनपिंग ने कहा कि दोनों के बीच की बातचीत की डिटेल कनाडाई पीएम के ऑफिस ने मीडिया को सौंप दी। ये ठीक नहीं है। जिनपिंग ने आगे कहा कि जिस तरह से बातचीत हुई ये भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि आप अगर सिंसियर हैं तो आपको सम्मानजनक तरीके से बात करनी चाहिए। इस दौरान जिनपिंग ने कनाडाई पीएम को अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। वहीं, जिनपिंग की ये बातें सुन रहे जस्टिन ट्रूडो दुभाषिए का ही इंतजार करते रह गए।
कनाडा के पीएम ने भी जमकर सुना दी
ट्रूडो ने जिनपिंग के आरोपों पर जमकर सुना दिया। उन्होंने कहा कि कनाडा खुली और स्वतंत्र बातचीत में भरोसा रखता है। कनाडा में हम स्वतंत्र, खुले और निष्पक्ष बातचीत में विश्वास करते हैं और आगे भी इसे जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि हम आगे भी साथ काम करते रहेंगे लेकिन ऐसे मुद्दे आएंगे जिन पर भविष्य में हम सहमत नहीं होंगे।
सुनक और जिनपिंग की बैठक रद्द
ऋषि सुनक और जिनपिंग के बीच होने वाली मीटिंग किसी कारणों से रद्द करनी पड़ी। इसके पीछे की वजह चीन का रूस को समर्थन करना बताया जा रहा है। दोनों देशों के लीडर्स के बीच होने वाली यह मीटिंग पांच साल में इस तरह की पहली मीटिंग होती।
दर्जनों बैठकों में केवल एक में चीन ने दिया संयुक्त बयान
रिपोर्ट के अनुसार, शी जिनपिंग की सबसे महत्वपूर्ण बैठक इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो के साथ थी, जो तेजी से महत्वपूर्ण क्षेत्रीय साझेदार के नेता थे। दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान भी जारी किया, जो बाली में शी की दर्जनों बैठकों का एकमात्र संयुक्त बयान है। इस संयुक्त बयान में, शी जिनपिंग और जोको विडोडो ने घोषणा की कि चीन और इंडोनेशिया सदी के मध्य तक विकसित राष्ट्र बन जाएंगे। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिनपिंग की कई नेताओं के साथ बात नहीं बन सकी।