विदेश मंत्री एस. जयशंकर
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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को मलयेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में 47वें आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-मलयेशिया संबंधों को मजबूत करने, द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने तथा लोगों के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर चर्चा की। जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अनवर इब्राहिम को सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
जयशंकर ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उन्हें मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मिलकर खुशी हुई। उन्होंने कहा कि भारत-मलयेशिया के बीच सहयोग के नए अवसर बन रहे हैं। जयशंकर ने कहा अब दोनों देशों के बीच सीधा संवाद और आपसी संबंध भविष्य में और मजबूत होंगे।
दक्षिण कोरिया के साथ रणनीतिक सहयोग
विदेश मंत्री जयशंकर ने रविवार को दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून से भी मुलाकात की। दोनों देशों के बीच स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप यानी विशेष रणनीतिक साझेदारी पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। जयशंकर ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच यह साझेदारी एशिया में औद्योगिक और तकनीकी प्रगति के नए अध्याय खोलेगी।
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भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे जयशंकर
जयशंकर 27 अक्तबर को कुआलालंपुर में होने वाले 20वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह सम्मेलन भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मंच है। इसमें सदस्य देश क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह मंच भारत के लिए अपने इंडो-पैसिफिक विजन” को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।
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मोदी का वर्चुअल संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 22वें आसियान शिखर सम्मेलन को वर्चुअल रूप से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी भारत और आसियान देशों की सदी है। मोदी ने आसियान को भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” का अहम स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि भारत और आसियान देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्ते बहुत गहरे हैं। मोदी ने मलयेशिया और प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को 47वें आसियान शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी के लिए बधाई दी और फिलीपींस को भारत के लिए समन्वयक की भूमिका निभाने पर धन्यवाद दिया।