फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pakistan: इमरान का लॉन्ग मार्च आगे बढ़ने के साथ पाकिस्तान में बढ़ा सियासी तनाव, जानें पूरा मामला

Wed, 02 Nov 2022 10:39 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

इमरान खान पर सरकार ने शिकंजा और कस दिया है। इमरान खान के नेतृत्व वाली तत्कालीन पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समय अमेरिका से आए विवादित कूटनीतिक संदेश के मामले में पूछताछ के लिए अब एफआईए ने इमरान खान को तलब किया है। 
विज्ञापन
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व में चल रहे लॉन्ग मार्च के इस्लामाबाद पहुंचने का समय करीब आने के साथ पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। 28 अक्तूबर को लाहौर से शुरू हुए इस मार्च के चार नवंबर को इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना है। पाकिस्तान के टीकाकारों ने कहा है कि राजनीतिक टकराव के कारण शहबाज शरीफ सरकार के लिए संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था को संभालना लगातार कठिन होता जा रहा है।

विज्ञापन


इस बीच इमरान खान पर सरकार ने शिकंजा और कस दिया है। इमरान खान के नेतृत्व वाली तत्कालीन पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समय अमेरिका से आए विवादित कूटनीतिक संदेश के मामले में पूछताछ के लिए अब फेडरल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एफआईए) ने इमरान खान को तलब किया है। उन्हें गुरुवार को एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। एफआईए पाकिस्तान के खुफिया जांच एजेंसी है। इसकी तरफ से मियां शब्बीर हुसैन ने इमरान खान को पत्र भेजा है, जिसमें उनसे तीन नवंबर को 12 बजे दिन में हाजिर होने को कहा गया है।

पर्यवेक्षकों ने एफआईए की इस कार्रवाई को लॉन्ग मार्च रोकने की सरकार की कोशिश का हिस्सा माना है। यहां अंदेशा जताया जा रहा है कि अगर गुरुवार को इमरान पेश नहीं  हुए, तो इसे बहाना बना कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
विज्ञापन


एफआईए ने कहा है कि गुरुवार को इमरान खान से प्रतिबंधित चंदा लेने के आरोप पर भी पूछताछ करेगी। इस मामले पर पाकिस्तान का निर्वाचन आयोग भी सुनवाई कर रहा है। एफआईए तीन नवंबर को ही पीटीआई के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी को भी अमेरिकी संदेश मामले में तलब किया है।

विश्लेषकों के मुताबिक एफआईए की इस कार्रवाई से सियासी टकराव और बढ़ गया है। इसके पहले मंगलवार को इमरान खान ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन की प्रमुख पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज को चुनौती दी कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतरें। मरियम नवाज शरीफ की बेटी हैं। इमरान खान ने दावा किया कि वे इन दोनों को उनके ही चुनाव क्षेत्रों में हरा देंगे।

उधर, मरियम नवाज ने लंदन में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अब इमरान खान का असली एजेंडा बेनकाब हो गया है। उन्होंने दावा किया कि इमरान खान ने ये मार्च राष्ट्र हित में आयोजित नहीं किया है, बल्कि उनका मकसद वर्तमान सरकार को अगले सेनाध्यक्ष की नियुक्ति करने से रोकना है। लेकिन उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ सरकार नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।

उधर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि इमरान खान ने पिछले महीने दो मुद्दों पर बातचीत के लिए सरकार से संपर्क किया था। इनमें एक मुद्दा सेनाध्यक्ष की नियुक्ति का था। शरीफ ने कहा कि उन्होंने इमरान खान से मिलने से इनकार कर दिया।

पर्यवेक्षकों के मुताबिक शहबाज शरीफ और उनकी सरकार लगातार ऐसे खुलासे करने का दावा कर रहे हैं, जिनसे इमरान खान की साख धूमिल हो। लेकिन अब तक ये कोशिशें कामयाब नहीं हुई हैँ। जबकि दोनों तरफ से कही जा रही तेजाबी बातों से माहौल गरमाता जा रहा है। इसके बीच देश में हिंसा और अव्यवस्था की आशंका गहरा गई है।

पाकिस्तानियों को अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की जरूरत है: इमरान खान
इस बीच इमरान खान ने बुधवार को पाकिस्तान के लोगों से अपने अधिकारों के लिए खड़े होने का आह्वान किया और अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि गठबंधन सरकार इससे संबंधित लोगों के भ्रष्टाचार के मामलों को खत्म करने के लिए एक सौदे के जरिए सत्ता में आई है।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख ने अपने विरोध मार्च के छठे दिन की शुरुआत में पंजाब प्रांत के गुजरांवाला में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ लौटने के लिए तैयार हो रहे हैं, जबकि उनके भाई और मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को एक सौदे के तहत सुलझा लिया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों का निपटारा करा लिया है। मैं जो देख रहा हूं, वह यह है कि केवल छोटे लोग पकड़े जाएंगे और अमीर बच जाएंगे। अपराधी अब नेता बन गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें