खतरनाक कोरोना वायरस का इलाज ढूंढने में दुनिया भर के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की मदद से भी इस खतरनाक वायरस के लिए उपचार खोजा जा रहा है। भारतवंशी समेत शोधकर्ताओं का एक दल एआई के उपयोग से ऐसी मौजूदा सैकड़ों दवाओं की पहचान करने में लगा हुआ है। इसकी मदद से कोरोना रोगियों का उपचार किया जा सकता है।
अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आनंद शंकर रे ने कहा, कोरोना संक्रमण का उपचार या रोकथाम करने वाली दवाओं की पहचान किए जाने की तत्काल जरूरत है। हमने इसी तरह की दवाओं को खोजने के लिए एआई के इस्तेमाल से एक सिस्टम विकसित किया है।
इससे कई संभावित दवाओं की पहचान की जा सकती है। इस अध्ययन से जुड़े शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोना के इलाज में रेमडेसिवियर जैसी दवाओं से कुछ सफलता मिली है।
वैक्सीन आने में लग सकते हैं कई महीने
वायरस की तुलना में वैक्सीन मुहैया होने में अभी कई महीनों का वक्त लग सकता है। इसलिए नई दवाओं की तलाश बेहद जरूरी है। भारतीय मूल के शोधकर्ता आनंद ने बताया कि इस समय इस तरह की अतिरिक्त दवाओं या छोटे मॉलिक्यूल्स की बहुत ज्यादा मांग है, जो शरीर में कोरोना वायरस के प्रवेश को रोकने के साथ ही इसकी प्रतिकृति बनने से रोकने में प्रभावी हो सके।