सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का समर्थन नहीं करने और तख्तापलट की कथित साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार दो शहजादों की गिरफ्तार शाही परिवार के लिए चेतावनी लेकर आया है। दोनों की गिरफ्तारी इस बात का संदेश है कि शाही परिवार का कोई भी सदस्य अगर क्राउन प्रिंस के समर्थन में नहीं रहा तो किसी भी शहजादे की गिरफ्तारी मुमकिन है।
34 साल के क्राउन प्रिंस सलमान को अपने पिता किंग सलमान के समर्थन से सत्ता के सभी प्रमुख आयामों पर पूर्ण राज प्राप्त है। शाही परिवार के करीबी एक व्यक्ति ने बताया कि किंग सलमान के भाई शहजादे अहमद बिन अब्दुल अजीज अल-सउद और भतीजे शहजादे मोहम्मद बिन नयेफ की शुक्रवार को गिरफ्तारी ऐसे व्यवहार के लिए हुई, जो नेतृत्व के खिलाफ उकसाने वाला था।
दोनों शहजादे पूर्व में गृह मंत्री के पद पर काम कर चुके हैं और साम्राज्य के भीतर सुरक्षा व निगरानी का काम देखते थे। यह कदम यह जानते हुए भी चौंकाने वाला था कि शहजादे नयेफ पर करीब से नजर रखी जाने की चर्चा आम थी। 2017 में उत्तराधिकारी के उम्मीदवार की दौड़ से नयेफ के बाहर होने के बाद से उन पर नजर रखी जा रही थी।
शहजादे अहमद (78) की गिरफ्तारी भी अनपेक्षित थी, क्योंकि वह किंग सलमान के सगे छोटे भाई होने के साथ ही सत्तारूढ़ अल सउद परिवार के वरिष्ठ सदस्य भी हैं। यह बात अलग है कि उनके विचार 34 वर्षीय क्राउन प्रिंस से मेल नहीं खाते थे और वह उन चुनिंदा बड़े शहजादों में से एक थे, जो उनका समर्थन करने से बचते रहे थे।
सबसे पहले गिरफ्तारी की खबर देने वाले वॉल स्ट्रीट जर्नल का कहना था कि दोनों शहजादे तख्तापलट की साजिश रच रहे थे जो क्राउन प्रिंस को आगे बढ़ने से रोकता। शहजादों की गिरफ्तारी के बाद गृह मंत्रालय के कई अधिकारियों, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और तख्तापलट का समर्थन करने वाले संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया।