पाकिस्तान में आठ फरवरी को आए आम चुनाव के परिणामों में धांधली को लेकर कई राजनीतिक दलों ने गंभीर चिंता जताई थी, जिसके बाद पाकिस्तान सेना प्रमुख का बयान आया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इस चुनावी प्रक्रिया में सशस्त्र बलों के हस्तक्षेप के आरोपों का खंडन किया है। इसके बजाय, सेना के शीर्ष अधिकारियों ने कुछ निहित स्वार्थी तत्वों पर अपनी असफलता के लिए दूसरों को बलि का बकरा बनाने और देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान में आठ फरवरी को चुनाव संपन्न हुए। लेकिन, चुनावों के साथ-साथ उसके बाद के नतीजों की समान प्रतिस्पर्धा के अभाव के आरोपों के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हुई।
बता दें कि कई राजनीतिक दलों, विशेषकर इमरान खान द्वारा स्थापित पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने सुरक्षा बलों पर इंटरनेट शटडाउन और धांधली के माध्यम से चुनावों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था।
263वें कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (सीसीसी) के दौरान हुई थी चर्चा
दरअसल, पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी चीफ स्टाफ (सीओएएस) जनरल असीम मुनीर की अध्यक्षता में 263वें कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (सीसीसी) का आयोजन हुआ। इस दौरान इन सभी मुद्दों पर चर्चा हुई।
सेना की मीडिया शाखा, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने सेना के शीर्ष अधिकारियों के हवाले से कहा, बलों ने अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी के लिए एक बड़े जोखिम पर, दिए गए आदेश के अनुसार जीई-24 के संचालन के लिए सुरक्षा वातावरण प्रदान किया।" और इसका चुनावी प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है।'