अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति द्वारा किया गया एक खुलासा अमेरिका में चर्चा का केंद्र बना हुआ। दरअसल, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले दिनों दिए गए एक इंटरव्यू में कहा था कि अफगानिस्तान छोड़ते वक्त सेना ने अपने कुत्ते वहीं छोड़ दिए थे। ट्रंप के खुलासे के बाद लोगों का कहना है कि एक ऐसा देश, जहां कुत्तों को पसंद ही नहीं किया जाता, वहां कुत्तों को अकेला कैसे छोड़ सकते हैं।
10 हजार फीट लंबा रनवे है
एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा था कि सेना ने सब कुछ छोड़ दिया। रात के अंधेरे को छोड़ दिया। रोशनी को छोड़ दिया, कुत्तों को भी छोड़ दिया। सेना के रहते हुए पिछले 18 महीनों से वहां एक भी मौत नहीं हुई थी। अमेरिका चीन के कारण वहां आत्मसमर्पण कर रहा था। हम सेना को वहां से बाहर निकाल रहे थे। 85 बिलियन अमेरिकी डॉलर के उपकरणों को वहां छोड़ रहे थे। हम बगराम छोड़ रहे थे (बगराम से एक घंटे की दूरी पर चीन परमाणु हथियार बना रहा था।) दुनिया का सबसे बड़े वायु सेना का कैंप वहां है, 10 हजार फीट लंबा रनवे है वहां। मैं वहां चीन के कारण रुका हुआ था, न कि अफगानिस्तान के कारण।
बाइडेन को एक कमजोर अफगानिस्तान मिला
व्हाइट हाउस ने 2021 की गर्मियों में एक 12 पन्नों का दस्तावेज जारी किया था। इसमें सेना वापस बुलाने के लिए ट्रंप को दोषी ठहराया गया था। इस दस्तावेज में बाइडन प्रशासन ने कहा कि अफगानिस्तान से सेना कैसे निकाली जाए, वह पूर्व राष्ट्रपति का ही प्लान था। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि बाइडेन को एक कमजोर अफगानिस्तान मिला। किर्बी ने कहा कि बाइडेन के पास सिर्फ एक विकल्प था, या तो सेना वापस बुला ले या फिर तालिबान से युद्ध शुरू कर दे। उस दौरान सेना को वापस बुलाना ही सही लगा। एक विकल्प की स्थिति ट्रंप सरकार के कारण आई थी।