उन्होंने शनिवार को बिजनेसमैन ग्रुप (बीएमजी) के चेयरमैन जुबैर मोतीवाला, कराची चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रमुख तारिक यूसुफ और फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफपीसीसीआई) के अध्यक्ष इरफान इकबाल शेख सहित 50 प्रमुख व्यापारियों के साथ चार घंटे की मैराथन बैठक कीं।
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब देशभर में ईंधन और बिजली के बढ़ते दामों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये की कीमत में भारी गिरावट आई है। कई शहरों में बढ़ती लागते के खिलाफ व्यापारियों ने हड़ताल की है।
डॉन अखबार में मंगलवार को प्रकाशित खबर के मुताबिक, सेना प्रमुख ने कारोबारी समुदाय को अपनी हालिया सऊदी अरब यात्रा के बारे में जानकारी दी और कहा कि सऊदी अरब के वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान ने उन्हें विशेष निवेश सुविधा परिषद (एसआईएफसी) के तहत पाकिस्तान में 25 अरब डॉलर का निवेश करने का आश्वासन दिया है।
बैठक में जनरल मुनीर ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि अगले वर्ष कतर और कुवैत से 25-30 अरब डॉलर का निवेश होगा। जिओ न्यूज के मुताबिक, एफपीसीसीआई के प्रमुख शेख ने कहा कि सेना प्रमुख ने व्यापार समुदाय को बताया कि सऊदी अरब ने आश्वासन दिया है कि वह पाकिस्तान में आईटी, खनिज, कृषि और रक्षा में निवेश करेगा।
खबर में शेख के हवाले से कहा गया, सेना प्रमुख ने दस अरब डॉलर पाकिस्तान के स्टेट बैंक (एसबीपी) रखने को को कहा। यह पाकिस्तानी रुपये या सोने के रूप में वापस मिलेगा, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ सके। सेना प्रमुख ने कहा कि वह नौकरशाही बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष निवेश सुविधा परिषद (एसआईएफसी) पर भरोसा कर रहे हैं, जिन्हें सऊदी क्राउन प्रिंस ने निवेश के लिए बाधाओं के रूप में पहचाना था।