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Armenia-Turkiye Relations: तुर्किये के राष्ट्रपति से मिलेंगे आर्मेनियाई पीएम, सीमा खोलने पर बातचीत की संभावना

Fri, 20 Jun 2025 05:48 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्तांबुल।

सार

Armenia-Turkiye  Relations: तुर्किये और आर्मेनिया के बीच दशकों से टूटे रिश्तों को सुधारने की कोशिश के तहत प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान और राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन के बीच शुक्रवार को मुलाकात होगी। इस बैठक में सीमा खोलने और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत की उम्मीद है। ऐतिहासिक विवाद और अजरबैजान से जुड़े मसले अब तक दोनों के बीच बाधा बने रहे हैं।
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निकोल पाशिन्यान, रेसेप तैयप एर्दोआन - फोटो : एक्स/निकोल पाशिन्यान/ रेसेप तैयप एर्दोआन
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विस्तार
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आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान शुक्रवार को तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन से मुलाकात करने वाले हैं। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने की कोशिशों का हिस्सा है, जो ऐतिहासिक विवादों और तुर्किये के अजरबैजान से करीबी संबंधों के कारण लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। तुर्किये और आर्मेनिया के बीच अभी कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। इस बैठक में दोनों देशों की साझा सीमा को फिर से खोलने और इस्राइल-ईरान संघर्ष जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
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तुर्किये ने 1993 में बंद की थी आर्मेनिया के साथ सीमा
तुर्किये ने 1993 में आर्मेनिया के साथ अपनी सीमा बंद कर दी थी। यह कदम उसने अजरबैजान के समर्थन में उठाया था, जो उस समय नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र को लेकर अर्मेनिया के साथ संघर्ष में था। साल 2020 में नागोर्नो-काराबाख को लेकर छह हफ्तों तक चले युद्ध में तुर्किये ने अजरबैजान का खुलकर समर्थन किया था। यह युद्ध रूस की मध्यस्थता से हुए शांति समझौते पर खत्म हुआ, जिसमें अजरबैजान को उस क्षेत्र का बड़ा हिस्सा मिल गया। 

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दोनों देशों के बीच उस्मानी तुर्क साम्राज्य की घटनाओं पर विवाद
आर्मेनिया और तुर्किये के बीच एक और बड़ा विवाद 1915 में उस्मानी तुर्क साम्राज्य के दौर में हुई घटनाओं को लेकर है। माना जाता है कि उस समय करीब 15 लाख आर्मेनियाई लोगों की मौतें हत्या, जबरन निकाले जाने और कठिन यात्राओं के चलते हुई थीं। इतिहासकार इस घटना को 'जनसंहार' मानते हैं, लेकिन तुर्किये इस शब्द को सख्ती से खारिज करता है। तुर्किये मानता है कि उस दौर में कई लोग मरे जरूर थे, लेकिन मौतों का कारण गृह संघर्ष था और मृतकों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई है।

एर्दोआन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे आर्मेनियाई पीएम
यह अर्मेनिया के किसी प्रधानमंत्री की तुर्किये की एक दुर्लभ यात्रा है। 2021 में अंकारा और येरेवान (आर्मेनिया की राजधानी) ने संबंध सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़ाने और बातचीत के लिए विशेष प्रतिनिधियों की नियुक्ति पर सहमति जताई थी। पाशिन्यान ने इससे पहले 2023 में तुर्किये की यात्रा की थी, जब वे एर्दोआन की राष्ट्रपति पद की जीत के बाद उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। इससे पहले 2022 में प्राग (चेक गणराज्य) में एक बैठक के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी।
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2009 में सीमा खोलने को लेकर हुआ था समझौता
यह तुर्किये और अर्मेनिया के बीच संबंध सुधारने की दूसरी कोशिश है। 2009 में दोनों देशों ने औपचारिक संबंध स्थापित करने और सीमा खोलने को लेकर समझौता किया था, लेकिन अजरबैजान के विरोध के कारण यह समझौता कभी लागू नहीं हो पाया।

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