अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (फाइल फोटो)
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पिछले 29 दिनों से नागोर्नो-कराबाख क्षेत्र में आर्मेनिया और अजरबैजान के बीज जारी जंग को लेकर रूस के बाद एक दिन पूर्व ही अमेरिका ने भी युद्धविराम का एलान कराया लेकिन दोनों ने एक-दूसरे पर इसे तोड़ने का फिर से आरोप लगाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के युद्धविराम की घोषणा के ठीक बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष रुकने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं।
आर्मेनिया और अजरबैजान दोनों ने ही एक-दूसरे पर कराबाख के पूर्वोत्तर में युद्धविराम का उल्लंघन करने के आरोप लगाए हैं। आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता शुशान स्टेपनयान ने कहा कि अमेरिकी मदद से हुए मानवीय संघर्ष विराम का पूरी तरह से उल्लंघन करते हुए अजरबैजान की सेना ने विवादित इलाके में तोपों से बम के गोले बरसाए हैं। उधर, अजरबैजान ने भी आर्मेनिया पर लाचिन जिले में गोलाबारी का आरोप लगाया है।
अजरबैजान ने कहा कि आर्मेनियाई सेना युद्धविराम को तोड़ रही है और उसने 26 अक्तूबर को भी शहरों व गावों को निशाना बनाकर गोलाबारी की है। पिछले कुछ दिनों में इस जंग में 5,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। बता दें कि 29 दिन बाद अमेरिकी कोशिशों से हुए इस युद्धविराम पर संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने भी स्वागत किया है।
सैन्य समाधान का समर्थन नहीं : रूस
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लवरोव ने इशारों ही इशारों तुर्की समेत अन्य विदेशी ताकतों को चेतावनी दी है कि वे इस समस्या के सैन्य समाधान को बढ़ावा देना बंद करें। उन्होंने कहा कि यह कोई खुफिया मामला नहीं है। इस संकट का राजनयिक समाधान संभव है और दोनों ही देश हमारे मित्र देश हैं, हम सैन्य समाधान के विचार का समर्थन नहीं करते।