आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच संघर्ष
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आर्मेनिया और अजरबैजान के विदेश मंत्रियों के बीच अंतत: अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक नागरिक आबादी और रिहाइशी इलाकों को लक्षित नहीं करने को लेकर समझौता हो गया है।
जेनेवा में जारी एक साझा बयान में आर्मेनियाई विदेश मंत्री जोहराब मनत्सकैनयन और अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बेरामोव ने अपने साझा बयान में इस पर सहमति जता दी है।
यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (ओएससीई) ने बताया कि दोनों पक्ष युद्ध के मैदान से वर्तमान में हिरासत में लिए गए युद्धबंदियों की सूची भी मुहैया कराएंगे। ओएससीई के मिन्स्क समूह के सह-अध्यक्ष रूस के इगोर पोपोव, फ्रांस के स्टीफन विस्कोनी और अमेरिका के एंड्रयू शॉफर ने अलग अलग और संयुक्त रूप से जेनेवा में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की।
सह-अध्यक्षों ने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से अपील की कि वे 10 अक्तूबर को मॉस्को के साझा बयान के मुताबिक संघर्ष विराम को तत्काल स्थापित करें और अपनी प्रतिबद्धताएं लागू करें। बता दें कि दोनों देशों में नागोर्नो-कराबाख क्षेत्र को लेकर युद्ध जारी है।
नागोर्नो-कराबाख में मानवीय मदद को 13 लाख डॉलर देगा ब्रिटेन
ब्रिटेन ने रेडक्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति के अनुरोध पर अजरबैजान और आर्मेनिया के संघर्षरत क्षेत्र में मानवीय सहायता के लिए 13 लाख डॉलर आवंटित किए हैं। विदेश मंत्री डॉमनिक रॉब ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नागोर्नो-कराबाख क्षेत्र में इससे काफी हद तक मानवीय मदद मुहैया हो सकेगी।