कानून में उन लोगों से ऊंची दर पर टैक्स वसूलने का प्रावधान है, जिन्होंने अपना धन विदेशों में जमा कर रखा है,लेकिन जो लोग अपना पूरा या आंशिक धन वापस लाने पर राजी हो जाएंगे, उन पर लगने वाले टैक्स की दर कम होगी। नए कानून के मुताबिक, विदेशों में रखे गए कुल घोषित धन का 5.25 प्रतिशत हिस्सा टैक्स के रूप में लिया जाएगा। अजेंटीना में रखे गए कुल घोषित धन पर 3.5 फीसदी का टैक्स लगेगा।
अनुमान है कि नए टैक्स के दायरे में नौ हजार से 12 हजार तक लोग आएंगे। अर्जेंटीना की आबादी लगभग साढ़े चार करोड़ है। वहां की लगभग 41 फीसदी आबादी फिलहाल गरीबी रेखा के नीचे जीवन गुजार रही है। बता दें कि अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था 2018 से मंदी का शिकार है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का अनुमान है कि इस साल इसमें 11 फीसदी की सिकुड़न आएगी।
इस सूरत में सामाजिक क्षेत्र में सरकारी खर्च बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। सरकार ने इस दिशा में बढ़ने के लिए ही ये कदम उठाया है। लेकिन दक्षिणपंथी विपक्षी पार्टियों ने इस कदम को लोगों की संपत्ति जब्त करना बताया है। उनका कहना है कि नया कर लगाने के बजाय सरकार को पहले से जो कर मौजूद हैं, उनकी बेहतर ढंग से वसूली पर ध्यान देना चाहिए।
पूंजीपतियों ने विरोध किया, छोटे कारोबारियों ने स्वागत किया
पूंजीपति और धनी माने जाने वाला तबका भी नए कर प्रस्ताव का जोरदार विरोध कर रहे हैं। चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी संस्थाओं ने कहा है कि इससे अर्जेंटीना के उद्योग घरानों की निवेश और उत्पादन करने की क्षमता कमजोर हो जाएगी। लेकिन छोटे और मध्यम कारोबारियों के संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है।