पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच कोलकाता में सियासी तनाव बढ़ गया है। शशि पांजा और कुणाल घोष ने नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर स्ट्रांग रूम के सामने धरना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग के कुछ अधिकारी बिना पार्टी प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश कर रहे हैं। इस आरोप के बाद चुनावी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री ममता भी वहां पहुंच गई हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है। बाद में चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। और टीएमसी ने धरना भी खत्म कर दिया है। अब इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं।
क्या भाजपा और चुनाव आयोग कर रहे हैं मतपेटियों से छेड़छाड़?
टीएमसी नेताओं शशि पांजा और कुणाल घोष ने आरोप लगाया है कि स्ट्रांग रूम के अंदर नियमों का पालन नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि संबंधित पार्टी (टीएमसी) के प्रतिनिधियों के बिना ही मतपेटियां खोलने की कोशिश की जा रही है। यह आरोप भाजपा और भारतीय निर्वाचन आयोग के अधिकारियों पर सीधा लगाया गया है। नेताओं का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की भारी कमी है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
स्ट्रांग रूम पहुंचीं ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता गुरुवार को दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रांग रूम पहुंचीं। यह भवनानीपुर सीट का काउंटिंग सेंटर है, जहां 29 अप्रैल को हुए मतदान की ईवीएम रखी गई हैं। ममता बनर्जी ने मशीनों में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए मौके का निरीक्षण किया। भारी बारिश के बावजूद वह वहां पहुंचीं और देर तक अंदर मौजूद रहीं। इस दौरान कोलकाता मेयर और टीएसी उम्मीदवार हाकिम भी मौके पर पहुंचे, लेकिन वह उनसे नहीं मिल सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने अधिकार के तहत अंदर गई हैं।
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक टीएमसी वाहन को रोक दिया और आगे बढ़ने नहीं दिया। उनका आरोप था कि वाहन में कुछ संदिग्ध सामान मौजूद है। एक कार्यकर्ता ने कहा कि ममता बनर्जी के वाहन में कुछ लाया गया है, इसलिए उसे जाने नहीं दिया जाएगा। इस घटना के बाद इलाके में माहौल गरमा गया और दोनों दलों के समर्थकों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
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शशि पांजा ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए क्या सवाल उठाए?
टीएमसी नेता शशि पांजा ने भी अपनी गहरी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि स्ट्रांग रूम में कोई हेरफेर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और चुनाव आयोग से सीधा सवाल किया कि आखिर हमें वह सब क्यों नहीं दिखाया जा रहा है जो अंदर हो रहा है? पांजा ने कहा कि अगर अंदर सब कुछ सही हो रहा है, तो राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बाहर क्यों रखा गया है? आगे उन्होंने कहा कि अंदर कौन लोग मौजूद हैं और क्या काम चल रहा है, इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है। रूम के भीतर जाने की अनुमति नहीं मिल रही और पूरी प्रक्रिया पर संदेह है। उन्होंने कहा कि सिस्टम में खामियां हैं और कुछ गड़बड़ी होने की आशंका है। टीएमसी ने पूरे मामले की पारदर्शी जांच और निगरानी की मांग की है।
कुणाल घोष ने लाइव स्ट्रीमिंग का हवाला देकर क्या दावा किया?
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने चुनाव आयोग के सीसीटीवी कैमरे और लाइव स्ट्रीमिंग का जिक्र करते हुए बड़ा दावा किया। घोष ने कहा कि आप चुनाव आयोग की लाइव स्ट्रीमिंग में साफ देख सकते हैं कि अंदर कुछ लोग काम कर रहे हैं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अंदर टीएमसी का एक भी प्रतिनिधि मौजूद नहीं है और उन्हें अंदर जाने से रोका जा रहा है। घोष के मुताबिक, जब उन्होंने अंदर जाने की कोशिश की, तो उनसे कहा गया कि वे अन्य उम्मीदवारों से बात करें। उन्होंने सवाल उठाया, हम दूसरे उम्मीदवारों की जिम्मेदारी क्यों लें? वहीं, घटनास्थल पर भारी सुरक्षाबल की तैनती भी है।
विवाद पर भाजपा का जवाब, तपस रॉय बोले- अफवाह फैला रही टीएमसी
कोलकाता में स्ट्रांग रूम को लेकर जारी विवाद पर भाजपा नेता तपस रॉय ने टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा दो लोगों को स्ट्रांग रूम की निगरानी के लिए तैनात करेगी। रॉय ने आरोप लगाया कि टीएमसी अपनी हार की आशंका से अफवाह फैला रही है। उन्होंने कहा कि यहां तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है और किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है।
विवाद पर चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण
मामले पर चुनाव अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि परिसर में सात विधानसभा क्षेत्रों के स्ट्रॉन्ग रूम मौजूद हैं, जिन्हें मतदान के बाद उम्मीदवारों, एजेंटों और ऑब्जर्वर की मौजूदगी में सील किया गया था। आखिरी स्ट्रॉन्ग रूम सुबह करीब 5:15 बजे बंद किया गया। अधिकारियों के अनुसार सभी स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित और लॉक हैं।
परिसर में एक अलग स्ट्रॉन्ग रूम पोस्टल बैलेट के लिए भी बनाया गया है, जहां अलग-अलग क्षेत्रों के बैलेट रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया की जानकारी पहले ही ऑब्जर्वर, रिटर्निंग ऑफिसर और राजनीतिक दलों को दे दी गई थी। चुनाव आयोग ने कहा कि बैलेट की छंटाई स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर कॉरिडोर में की जा रही थी। साथ ही यह पूरी स्थिति टीएमसी नेताओं शशि पांजा और कुनाल घोष तथा भाजपा प्रतिनिधि को भी दिखा दी गई है।
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