श्रीलंका के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति चुनाव का फैसला दूसरे दौर की मतगणना से हुआ। इसमें वामपंथी अनुरा कुमारा दिसानायके (56) विजेता घोषित किए गए। श्रमिक के घर जन्मे दिसानायके श्रीलंका के पहले वामपंथी राष्ट्रपति हैं। उन्होंने सोमवार को राष्ट्रपति पद की शपथ भी ले ली है।
इससे पूर्व पहले दौर की मतगणना में ही दिसानायके ने अन्य प्रतिद्वंद्वियों से बढ़त ले ली थी। मार्क्सिस्ट जनता विमुक्ति पेरामुना पार्टी की आनुषंगिक इकाई नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) के दिसानायके को 56.3 लाख वोट मिले, जो कुल मतों का 42.31 प्रतिशत है। विपक्षी नेता सामगी जन बालवेगया (एसजेबी) के साजिथ प्रेमदासा को 43.6 लाख, यानी 32.80 प्रतिशत मत हासिल हुए। निवर्तमान राष्ट्रपति विक्रमसिंघे को सिर्फ 22.9 लाख वोट मिले जो, कुल मतों का 17.27 प्रतिशत है। श्रीलंका में वर्ष 2022 के आर्थिक संकट के बाद पहली बार हुए राष्ट्रपति चुनाव के लिए शनिवार को मतदान हुआ था।
मैदान में थे 39 प्रत्याशी
चुनावी मैदान में रिकॉर्ड 39 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे थे। चुनाव आयोग के अध्यक्ष आरएमएएल रत्नायके ने कहा, हालांकि दिसानायके व प्रेमदासा ने राष्ट्रपति के चुनाव में अधिकतम मत हासिल किए, लेकिन उनमें से कोई भी 50 प्रतिशत मतों के जादुई आंकड़े को पार नहीं कर सका। इसलिए, मतों की दूसरी वरीयता की गणना की गई। निवर्तमान राष्ट्रपति विक्रमसिंघे पहले दौर में दौड़ से बाहर हो गए, क्योंकि वह सर्वाधिक मत हासिल करने वाले दो प्रत्याशियों में जगह बनाने में विफल रहे।
कुल मतों व वरीयता मतों के आधार पर हुई नए राष्ट्रपति की घोषणा
श्रीलंका में मतदाता वरीयता के क्रम में तीन उम्मीदवारों का चुनाव करते हैं। यदि किसी उम्मीदवार को पूर्ण बहुमत प्राप्त होता है, तो उसे विजेता घोषित किया जाता है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो मतगणना का दूसरा दौर शुरू होता है। इसमें दूसरे व तीसरे विकल्प के मतों के आधार पर निर्णय लिया जाता है।
- रत्नायके ने कहा कि कुल मतों व वरीयता मतों की गणना के बाद नए राष्ट्रपति निर्वाचित घोषित किए गए। श्रीलंका में कभी भी कोई चुनाव मतगणना के दूसरे दौर तक नहीं पहुंचा था। अबतक प्रथम वरीयता मतों के आधार पर हमेशा कोई उम्मीदवार विजेता बनता रहा था।
मजदूर के बेटे व चीन समर्थक
श्रीलंका राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज करने वाले अनुरा कुमार दिसानायके का राजनीतिक सफर साधारण परिवार से होते हुए शिखर तक पहुंचा है। उन्हें चीन का बेहद करीबी माना जाता है। उन्होंने हमेशा मार्क्सवादी विचारधारा को आगे रखते हुए देश में बदलाव की बात कही है। राष्ट्रपति चुनाव के कैंपेन में भी दिसानायके ने ज्यादातर छात्रों और मजदूरों के मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने श्रीलंका के लोगों से शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बदलाव के वादे किए, जिसका नतीजा उन्हें जीत के रूप में मिला। दिसानायके का जन्म 24 नवंबर 1968 में श्रीलंका के अनुराधापुरा जिले के थंबूथेगामा गांव में हुआ है। जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) अनुरा की राजनीतिक पार्टी है। छात्र जीवन से ही अनुरा इस पार्टी से जुड़ गए थे। 1987 में वह पार्टी की पूर्णकालिक सदस्यता ली थी। अनुरा के पिता मजदूर थे। दिसानायके 1995 में सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन का राष्ट्रीय आयोजक बन गए थे। इसके बाद उन्हें जीवीपी की केंद्रीय कार्य समिति में जगह भी मिल गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिसानायके को बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसानायके को बधाई दी और कहा कि वह भारत-श्रीलंका के बीच बहुआयामी सहयोग को और मजबूत करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, 'श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए अनुरा कुमारा दिसानायके को बधाई। भारत की पड़ोस प्रथम नीति और विजन सागर में श्रीलंका का विशेष स्थान है। मैं अपने लोगों और पूरे क्षेत्र के लाभ के लिए हमारे बहुआयामी सहयोग को और मजबूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।'
खरगे-राहुल ने भी बधाई दी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिसानायके को सोमवार को बधाई दी और कहा कि भारत के लोग द्विपक्षीय संबंधों तथा साझा मूल्यों को मजबूत बनाने के लिए आशान्वित हैं। खरगे ने 'एक्स' पर लिखा, 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से मैं अनुरा कुमारा दिसानायके को श्रीलंका का राष्ट्रपति चुने जाने पर हार्दिक बधाई देता हूं। भारत और श्रीलंका के बीच बहुआयामी सहयोग और संवाद की एक समृद्ध विरासत है, जो सदियों पुरानी है। भारत के लोग हमारे क्षेत्र के लाभ के लिए हमारे संबंधों और साझा मूल्यों को मजबूत करने के इच्छुक हैं।' राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, 'श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने पर अनुरा कुमारा दिसानायके को बधाई और शुभकामनाएं। आशा है कि दोनों देश आपसी विकास और प्रगति की दिशा में मिलकर काम करते रहेंगे।'