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US vs China: यूएनएचआर प्रमुख की बीजिंग यात्रा पर चीन के रवैये से अमेरिका चिंतित, ड्रैगन ने भी किया पलटवार

Sun, 29 May 2022 10:04 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

अमेरिका का कहना है कि हम उन रिपोर्टों को लेकर और अधिक परेशान हैं जिनमें कहा गया है कि झिंजियांग के निवासियों को शिकायत नहीं करने या क्षेत्र की स्थितियों के बारे में खुलकर नहीं बोलने की चेतावनी दी गई है।
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अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन - फोटो : twitter.com/SecBlinken
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विस्तार
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चीन और पूर्वी तुर्किस्तान में उइगर मुसलमानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को सत्यापित करने के लिए यूएनएचआरसी प्रमुख मिशेल बाचेलेट की हाल ही में संपन्न हुई शिनजियांग प्रांत की यात्रा को प्रतिबंधित करने के चीन के प्रयासों पर अमेरिका ने चिंता व्यक्त की है। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार के उच्च कमिश्नर मिशेल बैचेलेट की आधिकारिक बीजिंग यात्रा पर प्रतिबंध और चालबाजी के चीन के प्रयासों को लेकर अमेरिका चिंतित है। उन्होंने अपने एक बयान में कहा कि चीन ने यात्रा के लिए जो शर्ते लगाईं हैं, उन्हें पूरा नहीं किया जा सकता है।

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उन्होंने कहा कि हम उन रिपोर्टों को लेकर और अधिक परेशान हैं जिनमें कहा गया है कि झिंजियांग के निवासियों को शिकायत नहीं करने या क्षेत्र की स्थितियों के बारे में खुलकर नहीं बोलने की चेतावनी दी गई है। झिंजियांग में दस लाख लोगों को हिरासत में लिया गया।

उन्होंने कहा कि बचे लोगों और बंदियों के परिवार के सदस्यों ने यातना दी जा रही, जो कि अंतरात्मा को झकझोर देता है। उन्होंने पूरे चीन में स्थितियों की स्वतंत्र जांच के आह्वान को दोहराते हुए बीजिंग से तिब्बतियों और हांगकांग में रहने वाले लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हम फिर से पीआरसी से शिनजियांग में अपने अत्याचारों को तुरंत बंद करने, अन्यायपूर्ण रूप से हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और स्वतंत्र जांचकर्ताओं को शिनजियांग, तिब्बत और पूरे चीन में निर्बाध रूप से जांच करने की अनुमति देने का आग्रह किया।
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गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाचेलेट की छह दिवसीय चीन यात्रा शनिवार को पूरी हो गई थी। इस मौके पर उन्होंने बताया कि मैंने बीजिंग से अनुरोध किया है कि वह अपनी आंतकवाद विरोधी नीतियों की समीक्षा करे। मानवाधिकार प्रमुख ने एक बयान में आतंकवाद व उग्रवाद से निपटने के लिए कानूनों और नीतियों के बारे में कुछ मानवाधिकार तंत्रों को लेकर भी चिंता साझा की। 
बाचेलेट ने कहा, 'उग्रवाद के हिंसक कृत्यों का पीड़ितों समेत उन लोगों के जीवन पर गंभीर और डरावना असर पड़ता है, जिन्हें देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन यह जरूरी है कि आतंकवाद विरोधी प्रतिक्रियाओं का परिणाम मानवाधिकारों के उल्लंघन के रूप में हो।' उन्होंने कहा कि यह दौरा कोई जांच नहीं था, यह सीधी चर्चा करने का एक अवसर था।

उन्होंने कहा कि यह दौरा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत दायित्वों को पूरा करने में चीन का समर्थन करने और संवाद का मार्ग प्रशस्त करने का भी मौका था। उन्होंने कहा कि मैंने चीन के शिनजियांग क्षेत्र में उइगर और अन्य मुस्लिम समुदायों पर लागू किए गए आतंकवाग और कट्टरपंथ विरोधी कदमों के असर के बारे में चीनी अधिकारियों के सामने चिंता व्यक्त की है। 

अमेरिका का दृष्टिकोण कुछ ज्यादा ही विकृत: वांग यी
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन के संबंध में अमेरिका का दृष्टिकोण कुछ ज्यादा ही विकृत हो गया है, लेकिन बीजिंग ब्लैकमेल या दबाव के आगे नहीं झुकेगा। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने हाल ही में चीन को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए दीर्घावधि में सबसे गंभीर चुनौती करार दिया था। अमेरिका के जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय में ब्लिंकन ने बृहस्पतिवार को अपने संबोधन में कहा था कि चीन एकमात्र ऐसा देश है जिसकी मंशा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में बदलाव लाने की है और उसके पास ऐसा करने के लिए आर्थिक, कूटनीतिक, सैन्य और तकनीकी ताकत भी है।

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