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पाकिस्तान: शरीफ के शासनकाल में पाकिस्तान के प्रति बदला अमेरिका रुख, ब्लिंकेन ने किया जरदारी को फोन

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद। Published by: अजय सिंह Updated Sun, 08 May 2022 02:58 PM IST
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बिलावल भुट्टो जरदारी - फोटो : Twitter - @BBhuttoZardari

इस्लामाबाद में सरकार बदलने के बाद पाकिस्तान के प्रति अमेरिकी नजरिए में बदलाव का सबसे ठोस संकेत शुक्रवार को मिला, जब अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने पाकिस्तान के नए विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी को फोन किया। पूर्व इमरान खान सरकार के समय अमेरिका की तरफ से ऐसी सद्भावना देखने को नहीं मिली थी। राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडेन ने जिन देशों के सरकार प्रमुखों से बात नहीं की, उनमें इमरान खान भी थे।



विश्लेषकों के मुताबिक अमेरिका का बदला रुख कूटनीतिक मोर्चे पर पाकिस्तान के लिए अच्छी खबर है। लेकिन इससे इमरान खान को सरकार पर निशाना साधने का एक और मौका मिलेगा। खान लगातार नई शाहबाज शरीफ सरकार को ‘लूटेरों और अमेरिकी दलालों’ की सरकार कह रहे हैँ। शुक्रवार को इमरान खान ने अपने गृह शहर मियांवाली में एक विशाल रैली को संबोधित किया। वहां उन्होंने ये आरोप दोहराया कि उनकी सरकार को अमेरिकी साजिश के तहत गिराया गया। उन्होंने लोगों से कहा कि वे 20 मई के बाद किसी भी दिन उनसे इस्लामाबाद पहुंचने की अपील करेंगे। इमरान खान पहले ही ये घोषणा कर चुके हैं कि ‘अमेरिकी गुलामी से आजादी के लिए’ उनकी मुहिम में अगली बड़ी रैली इस्लामाबाद में होगी।


इस बीच एंटनी ब्लिंकेन ने 18 मई को न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र खाद्य सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिलावल को आमंत्रित किया है। इस बैठक की अध्यक्षता ब्लिंकेन करेंगे। ये बैठक यूक्रेन पर रूसी हमले के कारण पैदा हुई वैश्विक खाद्य समस्या का हल ढूंढने के लिए बुलाई गई है। ब्लिंकेन-बिलावल वार्ता के बारे में जानकारी देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि दोनों विदेश मंत्रियों ने अफगानिस्तान में स्थिरता कायम करने के लिए दोनों देशों में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया।


प्राइस ने कहा- विदेश मंत्री ब्लिंकेन ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंध को मजबूत करने की इच्छा जताई। उधर एक ट्विट में बिलावल भुट्टो ने कहा- ‘मैंने विदेश मंत्री ब्लिंकेन का फोन रिसीव किया। मेरे विदेश मंत्री बनने पर उन्होंने गर्मजोशी भरी जो भावनाएं जताईं, उनके लिए मैं उनका आभारी हूं।’


पाकिस्तान के अखबार डॉन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने यूक्रेन मामले में अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों को नाराज कर दिया था। लेकिन उनके पद से हटनS के बाद बाइडेन प्रशासन ने ऐसे लगभग दर्जन भर बयान दिए हैं, जिनमें पाकिस्तान के साथ फिर संबंध बनाने की इच्छा जताई गई है। अखबार ने कहा है कि न्यूयॉर्क यात्रा विदेश मंत्री बनने के बाद बिलावल भुट्टों के लिए पहला मौका होगा, जब वे किसी बहुपक्षीय बैठक में शामिल होंगे।


लेकिन पर्यवेक्षकों ने कहा है कि अमेरिका की इस सद्भावना को इमरान खान अपनी मुहिम का हिस्सा बनाएंगे। वे इसे इस बात के सबूत के रूप में पेश करेंगे कि शाहबाज शरीफ सरकार अमेरिका की पिट्ठू है। शुक्रवार को मियांवाली की रैली में शरीफ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- ‘मैंने ऐसा गुलाम आज तक नहीं देखा।’ उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतों ने शरीफ को प्रधानमंत्री के रूप में पाकिस्तान पर थोप दिया है।

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