गिलगिट-बाल्टिस्तान के डायमर जिले में एक सरकारी प्राथमिक बालिका विद्यालय में रविवार को रहस्यमयी तरीके से आग लग गई, पुलिस ने सोमवार को कहा। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। वहीं, एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय मीडिया को बताया कि कुछ बदमाशों ने स्कूल में फर्नीचर और किताबों को आग लगा दी थी।
स्थानीय खबरों की मानें तो यहां केवल लड़कियों के संस्थानों को टारगेट किया गया है। एक साल के अंदर ऐसी कई अन्य घटनाएं भी हो चुकी है। डायमर जिले में उपद्रवी 14 संस्थानों को टारगेट कर चुके हैं। एक स्थानीय पत्रकार ने कहा कि जिस स्कूल में सप्ताहांत में आग लगी, वह उन 14 स्कूलों में से एक था।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें आग लगने के कारण शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य दुर्घटना का कोई सुराग या संकेत नहीं मिला। हालांकि, विस्फोट के कारण का पता लगाने के लिए जांच चल रही है।
विद्यालय समिति के अध्यक्ष मेराज ने पुलिस से इस घटना के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए संपर्क किया था, लेकिन सोमवार शाम तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था। उन्होंने अपने आवेदन में कहा कि शिक्षा विरोधी तत्व स्कूलों को ही बार-बार निशाना बनाते हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। मालूम हो कि डायमर शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में सबसे कम रैंकिंग वाला जिला है।