एआई क्षेत्र की प्रमुख अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने अपने नवीनतम एआई मॉडल फेबल 5 और मायथोस 5 को अस्थायी रूप से ऑफलाइन कर दिया है। कंपनी का कहना है कि यह कदम ट्रंप प्रशासन के उस निर्देश का पालन करने के लिए उठाया गया है, जिसके तहत विदेशी नागरिकों द्वारा इन अत्याधुनिक एआई मॉडलों के उपयोग को रोकना है। ट्रंप सरकार के इस फैसले को लेकर कंपनी ने नाराजगी भी जताई है।
यह निर्यात नियंत्रण अब तक का अमेरिकी सरकार का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसके तहत अत्याधुनिक एआई तकनीकों तक पहुंच सीमित करने की कोशिश की जा रही है। एंथ्रोपिक ने इसी सप्ताह फेबल 5 मॉडल को जारी किया था। यह मॉडल कंपनी के और भी अधिक उन्नत मिथोस 5 का सीमित संस्करण बताया जा रहा है। साइबर सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण मिथोस 5 तक पहुंच पहले से ही बेहद सीमित रखी गई थी।
सरकार के फैसले पर एंथ्रोपिक की नाराजगी
कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि वह इस मामले को संभालने के सरकार के तरीके से सहमत नहीं है। एंथ्रोपिक के अनुसार, उसे शुक्रवार दोपहर ही अमेरिकी सरकार की ओर से यह निर्देश मिला, लेकिन इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का साफ उल्लेख नहीं किया गया। कंपनी ने कहा, 'हम मानते हैं कि सरकार को असुरक्षित एआई तैनाती को रोकने का अधिकार होना चाहिए, लेकिन यह प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष, स्पष्ट और तकनीकी तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। मौजूदा कार्रवाई इन सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।' एंथ्रोपिक ने इस स्थिति को गलतफहमी बताते हुए उम्मीद जताई कि जल्द ही इन मॉडलों की उपलब्धता बहाल कर दी जाएगी।
ट्रंप के नए एआई सुरक्षा ढांचे के बाद कार्रवाई
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब करीब 10 दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इस आदेश के तहत संघीय सरकार को अत्याधुनिक एआई प्रणालियों के राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों की समीक्षा करने के लिए एक नया ढांचा तैयार करने का निर्देश दिया गया था। आदेश के अनुसार, किसी उन्नत एआई प्रणाली को सार्वजनिक रूप से जारी किए जाने से पहले उसके संभावित सुरक्षा जोखिमों का मूल्यांकन अधिकतम एक महीने तक किया जाएगा। हालांकि इस प्रक्रिया में एआई डेवलपर्स की भागीदारी स्वैच्छिक रखी गई है।
फिलहाल अमेरिकी वाणिज्य विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
एआई उद्योग पर बढ़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका उन्नत एआई मॉडलों पर निर्यात नियंत्रण को और सख्त करता है, तो इसका असर वैश्विक एआई उद्योग, अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग और तकनीकी प्रतिस्पर्धा पर पड़ सकता है। वहीं, समर्थकों का तर्क है कि अत्यधिक शक्तिशाली एआई प्रणालियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए ऐसे सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।