पाकिस्तान में लगातार हो रही घरेलू कलह के बीच अमेरिका ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन किया है। उसका कहना है कि हिंसा में बिना भाग लिए व्यक्ति को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। साथ ही उसने दोहराया कि देश के साथ संबंधों के लिए पाकिस्तान का मजबूत, स्थिर और समृद्ध होना जरूरी है।
राज्य विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि लोगों को बिना हिंसा में भाग लिए खुद को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने इमरान कि गिरफ्तारी पर पिछले सप्ताह थोड़ी बात की थी। अब पाकिस्तान में चल रहे घटनाक्रम के बारे में आप पूछेंगे तो यही कहूंगा कि अमेरिका का किसी एक राजनीतिक दल या एक उम्मीदवार से कोई मतलब नहीं है। हमारा मतलब एक मजबूत, स्थिर और समृद्ध पाकिस्तान से है, जो अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी गिरफ्तारी के लिए ऐसे व्यक्ति को उनके कानूनों के अनुसार बुनियादी मानवाधिकारों का भुगतान किया जाता है।
पाकिस्तान में प्रेस की स्वतंत्रता के बारे में पूछे जाने पर, पटेल ने कहा कि मौजूदा स्थिती को देखकर कोई भी धारणा बनाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरे पास यहां से पेश करने के लिए कोई आकलन नहीं है। हालांकि, हम पूरी तरह से स्पष्ट है कि हमारी मीडिया और जानकारी तक पहुंच होनी चाहिए। साथ ही सरकार और पत्रकारों के बीच भी सूचना लगातार आदान-प्रदान होती रहनी चाहिए।
गौरतलब है, पिछले मंगलवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर से खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में अशांति फैल गई थी, जो शुक्रवार तक जारी रही। प्रदर्शनकारियों के हमले में कई मौतें हुईं। वहीं दर्जनों सैन्य और सरकारी भवनों को नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार, प्रदर्शनकारियों ने रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर धावा बोला और लाहौर में कोर कमांडर के घर में आग लगा दी थी। पुलिस ने हिंसक झड़पों में मरने वालों की संख्या 10 बताई है, जबकि खान की पार्टी का दावा है कि सुरक्षाकर्मियों की गोलीबारी में उसके 40 कार्यकर्ताओं की जान गई है।