मालदीव और भारत के बीच राजनायिक विवाद जारी है। वहीं दूसरी ओर द्वीप राष्ट्र में अगर पर्यटकों की बात करें तो यहां भारत के मुकाबले चीनी भारतीयों से आगे निकल चुके हैं। मालदीव के पर्यटन मंत्रालय ने आधिकारिक आंकड़े जारी किए जिसके अनुसार, चार फरवरी तक, चीन से 23,972 पर्यटकों का आंकड़ा सामने आया है। साथ ही 2024 तक नंबर एक स्थान भी प्राप्त कर लिया है। इससे पहले चीन 2023 में तीसरे नंबर पर था।
भारत पांचवे स्थान पर
वहीं, भारत की बात की जाए तो 2023 में इसे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। रविवार को यहां पर्यटकों की संख्या 16,536 नोट की गई। यानी कि भारत 5वें स्थान पर रहा। गौरतलब है कि मोदी के खिलाफ टिप्पणी वायरल होने के तुरंत बाद, मशहूर हस्तियों सहित सैकड़ों सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने मालदीव में पर्यटन का बहिष्कार किया था। साथ ही घरेलू स्थलों का पता लगाने के आह्वान के साथ विरोध भी जताया। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और यहां तक कि कुछ ट्रैवल कंपनियों ने दावा किया कि राजनयिक विवाद के बाद भारतीय मालदीव की अपनी निर्धारित यात्रा रद्द कर रहे हैं।
इसके अलावा 17 नवंबर को मालदीव के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद, व्यापक रूप से चीन समर्थक नेता के रूप में देखे जाने वाले मुइज्जू ने औपचारिक रूप से भारत से 15 मार्च तक अपने देश से 88 सैन्य कर्मियों को वापस लेने का अनुरोध किया, उन्होंने कहा कि मालदीव के लोगों ने उन्हें नई दिल्ली से यह अनुरोध करने के लिए मजबूत जनादेश दिया है।