Iran Protest: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच आंदोलन का नया चेहरा सामने आया है, जहां युवतियां सुप्रीम नेता खामेनेई के जलते हुए पोस्टरों से सिगरेट जला रही हैं। सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
ईरान की जनता सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ सड़कों पर हैं। बढ़ती महंगाई, खराब अर्थव्यवस्था और गिरते मुद्रा के स्तर के बाद ईरानी लोगों ने प्रशासन के खिलाफ खोर्चा खोला हुआ है। ईरान के सभी प्रांतों में विरोध के स्वर तेज हैं। हिंसक प्रदर्शनों की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस बीच ईरान में जारी आंदोलन का एक नया चेहरा भी सामने आया है, जहां युवतियां खामेनेई की जलती हुई तस्वीरों से सिगरेट जलाती नजर आ रही हैं।
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1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सबसे बड़ा आंदोलन
इस्लामिक गणराज्य ईरान में खामेनेई की धार्मिक सरकार के खिलाफ लोगों में भारी रोष है। वहीं मौतों की संख्या बढ़ने के साथ ही विरोध प्रदर्शन और भी हिंसक होते जा रहे हैं। इस बीच देश में इंटरनेट और टेलीफोन सेवा पर पाबंदी लगाई जा चुकी है। ये विरोध प्रदर्शन दिसंबर के अंत में शुरू हुए और देश में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से चली आ रही धार्मिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की 'अमर उजाला' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। तमाम वायरल हुए वीडियो में ईरानी महिलाओं को सर्वोच्च नेता की तस्वीरों को जलाकर सिगरेट जलाते हुए देखा जा सकता है। इसी के साथ तेहरान से सामने आए कुछ अपुष्ट वीडियो में कथित तौर पर महिलाओं को हिजाब जलाते हुए भी देखा गया है।
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खामेनेई की जलते पोस्टर्स से सिगरेट क्यों जला रही ईरानी महिलाएं ?
खामेनई से जलती तस्वीरों से महिलाओं का सिगरेट जलाना हो या फिर विरोध प्रदर्शनों की आग में अपने हिजाब का 'स्वाह' करना। महिलाओं का यह साफ संकेत है कि वो धार्मिक सरकार की पाबंदियों से आजादी चाहती हैं।
ईरान की महिलाएं क्या संदेश देना चाह रही हैं?
इस सवाल का जवाब दो अलग-अलग नियम से जोड़ता है। पहला ये कि ईरान के कानून के तहत सर्वोच्च नेता की तस्वीरें जलाना एक गंभीर अपराध माना जाता है। जबकि दूसरा, देश के कई हिस्सों में महिलाओं के धूम्रपान पर वर्षों से प्रतिबंध लगा हुआ है। ऐसे में इन दोनों कामों को एक साथ अंजाम देना और अनिवार्य हिजाब नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाकर प्रदर्शनकारी महिलाएं सत्ता के साथ-साथ कठोर सामाजिक प्रतिबंधों के खिलाफ भी आवाज उठा रहीं हैं।
महिलाओं का इस तरह का विरोध प्रदर्शन साल 2022 में पुलिस हिरासत में महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुई असहमति की लहर से प्रेरित है। बता दें कि अमीनी को महिलाओं के लिए निर्धारित ड्रेस कोड का कथित तौर पर उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जिसकी पुलिस हिरासत में मौत हुई थी।