अमेरिकी नौसेना अभी होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों को निगरानी करने के लिए तैयार नहीं है। यह जानकारी अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दी है। क्रिस राइट के अनुसार, सेना का तात्कालिक ध्यान ईरान की आक्रामक क्षमताओं के खिलाफ अभियानों पर केंद्रित है।
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हम अभी तैयार नहीं हैं- अमेरिकी ऊर्जा मंत्री
क्रिस राइट ने कहा, 'यह अपेक्षाकृत जल्द ही होगा, लेकिन अभी नहीं हो सकता। हम अभी तैयार नहीं हैं। हमारी सभी सैन्य संपत्तियां इस समय ईरान की आक्रामक क्षमताओं और उन विनिर्माण उद्योगों को नष्ट करने पर केंद्रित हैं जो इन क्षमताओं के लिए आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करते हैं।' राइट ने कहा कि नौसेना महीने के अंत तक निगरानी अभियान शुरू करने के लिए तैयार हो सकती है और उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर रक्षा अधिकारियों के साथ चर्चा चल रही है।
इससे एक दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या तेल कंपनियों के सीईओ को अभी हॉर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि कंपनियों को इसका इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक अमेरिका को ऐसा नहीं लगता कि ईरान ने इस जलमार्ग में समुद्री बारूदी सुरंगें (माइन) बिछाई हैं।
ट्रंप ने ईरान को दी थी चेतावनी
हालांकि अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने इस हफ्ते दावा किया कि उसने ईरान के 16 ऐसे जहाजों को नष्ट कर दिया है जिन पर शक था कि वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा रहे थे। इसके बाद ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर जलमार्ग में माइन बिछाई गई हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाए, नहीं तो सैन्य कार्रवाई की जाएगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी कहा कि अमेरिका उन तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है जिन्हें पहले ड्रग तस्करी रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता था, ताकि जलडमरूमध्य में माइन बिछाने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके।
अमेरिकी सेना ने जहाजों को सुरक्षा देने की कही थी बात
इससे पहले अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारी डैन केन ने कहा था कि सेना इस बात पर विचार कर रही है कि अगर सरकार आदेश देती है तो वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य सुरक्षा देकर इस जलमार्ग से सुरक्षित तरीके से गुजरने में मदद की जा सकती है। हालांकि सूत्रों के अनुसार अब तक अमेरिकी नौसेना ने कई शिपिंग कंपनियों के अनुरोध के बावजूद किसी जहाज को सैन्य निगरानी देने से इनकार किया है।
200 डॉलर प्रति बैरल तेल की कीमत 'असंभव' नहीं- राइट
ऊर्जा बाजारों पर युद्ध के प्रभाव के बारे में टिप्पणी करते हुए, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 200 डॉलर प्रति बैरल तक तेल की कीमतें पहुंचना असंभव है, लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह से खारिज नहीं किया। राइट ने उन आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया कि बढ़ते युद्ध से वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है, तो राइट ने कहा, 'मैं कहूंगा कि यह असंभव है, लेकिन हम सैन्य अभियान और समस्या के समाधान पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।'
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ईरान के उन जहाजों और गोदामों पर हमले जारी
इधर, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने भी पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ईरान के उन जहाजों और गोदामों पर हमले कर रही है जहां समुद्री माइन रखी या तैयार की जा रही थीं। यह कार्रवाई अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे व्यापक संघर्ष का हिस्सा है। इस टकराव का असर समुद्री व्यापार पर भी पड़ने लगा है। कई जहाज कंपनियों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने में सावधानी बरतनी शुरू कर दी है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी ऊपर जाने लगी हैं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। सामान्य तौर पर दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होकर गुजरती है। इसलिए यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
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