ताइवान और चीन के बीच फिर से तनातनी
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चीन की धमकी के बाद ताइवान ने जर्मनी से क्षेत्रीय व्यवस्था बनाए रखने में मदद मांगी है। ताइवान के राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने मंगलवार को वरिष्ठ जर्मन सांसदों के साथ बैठक के दौरान क्षेत्रीय व्यवस्था बनाए रखने में मदद करने का आह्वान किया। बता दें कि ताइवान पर चीन हमेशा दावा ठोकता रहता है। फाइटर जेट्स के जरिए लगातार धमकी देता रहता है। हालांकि ड्रैगन की इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए ताइवान ने पश्चिमी देशों से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
ताइवान के राष्ट्रपति ने साधा चीन पर निशाना
राष्ट्रपति कार्यालय में सांसदों से मुलाकात करते हुए राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने कहा कि अधिनायकवादी विस्तारवाद के सामने लोकतंत्र को एक साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने पिछले महीने एक घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि अगले साल से ताइवान की अनिवार्य सैन्य सेवा को एक साल के लिए बढ़ा दिया जाएगा। यह हमारी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा और हमारी मातृभूमि की रक्षा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमारे दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करेगा।
राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने कहा कि हम जर्मनी और अन्य लोकतांत्रिक भागीदारों के साथ मिलकर क्षेत्रीय व्यवस्था और समृद्धि बनाए रखने की उम्मीद करते हैं। वहीं जर्मनी की संसदीय रक्षा समिति की प्रमुख और चांसलर ओलाफ शोल्ज के जूनियर गठबंधन पार्टनर फ्री डेमोक्रेट्स (FDP) की सदस्य मैरी-एग्नेस स्ट्राक-जिम्मरमैन ने त्साई को बताया कि जर्मनी और ताइवान दोस्त हैं।
ताइवान को अपना मानता है चीन
चीन के ताजा युद्धाभ्यास को लेकर ताइवान की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। चीन की सरकार ताइवान को अपना क्षेत्र मानती है। स्वायत्त ताइवान को अपने कब्जे में लेने के लिए चीन ने बल प्रयोग में कोई हिचक महसूस नहीं की है। पिछले तीन वर्षों में वह ताइवान के आसपास के समुद्री व और वायु क्षेत्र में वह लगातार सैन्य घुसपैठ कर रहा है।
अमेरिका की पूर्व स्पीकर पेलोसी की यात्रा से भड़का था चीन
इसके पहले पिछले साल अगस्त माह में अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की तत्कालीन स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर चीन भड़क गया था। उसने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर चीन व अमेरिका को डराने की कोशिश की थी। लोकतांत्रिक ताइवान ने भी जवाबी तैयारी की थी। वह चीन के गलत इरादों का डटकर विरोध करता है और चीन के उस पर दावे को खारिज करता है।