अमेरिका में हुई पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट (राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारों में बहस) में मौजूद दर्शकों में से आधे लोगों का मानना है कि डेमोक्रेटिक प्रत्याशी जो बिडेन ने रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप को मात दे दी है। वहीं कई लोगों ने इसे एक अव्यवस्था का शो भी बताया। बहस के बाद प्रसिद्ध पत्रिका पोलितिको और मॉर्निंग कंसल्ट के संयुक्त सर्वे में यह जानकारी सामने आई है।
क्लीवलैंड में आयोजित इस गरमागरम बहस के बाद हुए सर्वे में करीब 50 फीसदी लोगों ने इसे बिडेन के पक्ष में जाता हुआ बताया। जबकि ट्रंप का पक्ष लेने वाले दर्शकों की संख्या महज 34 फीसदी ही रही। जबकि 16 फीसदी दर्शकों ने उनकी कोई राय नहीं जताई।
बहस देखने आए आधे से अधिक दर्शकों ने कहा कि वे 90 मिनट के इस शो में कोई आनंद नहीं उठा पाए। यहां छह प्रमुख मुद्दों पर ट्रंप और बिडेन में बहस हुई थी जिनमें कोरोना महामारी, वैक्सीन, सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्ति, टैक्स विवाद पर खासतौर पर दोनों प्रत्याशियों ने दावे किए।
आगामी दो डिबेट 15 अक्तूबर को मियामी में और 22 अक्तूबर को नैशविले में होना है। सात अक्तूबर को साल्ट लेक सिटी में डेमोक्रेटिक पार्टी से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस व रिपब्लिकन प्रत्याशी माइक पेंस के बीच बहस होना है।
बिडेन ने सितंबर में रिकॉर्ड चंदा जुटाया
डेमोक्रेटिक प्रत्याशी जो बिडेन ने चंदा जुटाने के अपने पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए सितंबर में सर्वाधिक धन जुटाया है। यह जानकारी बिडेन अभियान से जुड़े दो लोगों ने दी है। हालांकि सटीक आंकड़े नहीं हैं लेकिन बताया जा रहा है कि पिछले माह उन्होंने 36.5 करोड़ डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट की जज गिंसबर्ग की मौत के बाद पार्टी को 10 करोड़ डॉलर से ज्यादा का दान मिला है।
गरीबी रेखा से नीचे हैं 6 फीसदी भारतवंशी
हाल ही में किए गए शोध में अनुमान लगाया गया है कि 42 लाख भारतीय अमेरिकियों में से 6.5 प्रतिशत आबादी अमेरिका में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही है। आशंका है कि महामारी के दौरान गरीबी में और वृद्धि संभव है।
जॉन्स हॉपकिंस के पॉल नाइट्स स्कूल ऑफ एडवांस इंटरनेशनल स्टडीज के देवेश कपूर और जशन बाजवात ने इस शोध के नतीजे बृहस्पतिवार रात को जारी किए। कपूर ने कहा, बंगाली और पंजाबी भाषी भारतीय अमेरिकियों के बीच गरीबी अधिक है।