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अमेरिकी वैज्ञानिक: जेनेटिक क्षेत्रों के आधार पर बन सकती है कोरोना की दवा 

Sat, 10 Jul 2021 08:55 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, वाशिंगटन

सार

  • वैज्ञानिकों को 50,000 लोगों के जीनोम पर किए गए अध्ययन में तरह-तरह के जेनेटिक क्षेत्र का पता चला है कि जिसको आधार बनाकर कोरोना के इलाज के लिए असरदार और सुरक्षित दवा तैयार की जा सकती है।
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मेडिसिन - प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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कोरोना का इलाज ढूंढने में जुटे वैज्ञानिकों को जेनेटिक आधार पर एक बड़ी कामयाबी मिली है। हेलसिंकी के इंस्टीट्यूट फॉर मॉलिक्यूलर मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने दुनिया के 19 देशों के 50,000 लोगों के जीनोम पर अध्ययन किया है।

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इसमें उन्हें तरह-तरह के जेनेटिक क्षेत्र का पता चला है कि जिस को आधार बनाकर कोरोना के इलाज के लिए असरदार और सुरक्षित दवा तैयार की जा सकती है।

जेनेटिक वेरिएशन से गंभीर का आकलन नहीं 
वैज्ञानिकों ने यह भी स्पष्ट किया है की जेनेटिक बदलाव से यह आकलन नहीं किया जा सकता है कि किसे कोरोना होगा। यहीं नहीं अगर किसी को कोरोना वायरस हो जाता है तो कौन गंभीर रूप से बीमार होगा। इसका पहले से पता लगाना संभव नहीं है। ऐसे में कुछ खास जीन वाले लोगों को कोरोना वायरस का खतरा अधिक है ये कहना गलत होगा।

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