पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने अलकायदा आतंकी उमर सईद शेख का दोष साबित न होने पर उसे बरी करते हुए, अमेरिका के दबाव पर सरकार की सुरक्षित हिरासत में रखने का आदेश दिया था।
पाकिस्तान में अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की 2002 में हुई हत्या के बाद अलकायदा आतंकी उमर सईद शेख को पहले मृत्युदंड दिया गया लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उसे बरी करने का आदेश दिया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव पर अदालत ने शेख के अपराध को साबित करने में अभियोजन पक्ष के नाकाम रहने की आलोचना की है। वह फिलहाल सरकार की सुरक्षा में हिरासत में है।
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बता दें कि अमेरिकी पत्रकार पाकिस्तान में अलकायदा के आतंकवाद से जुड़े तारों को लेकर रिपोर्ट कवर कर रहे थे। इस बीच उन्हें अगवा कर लिया गया और बाद में उनकी दर्दनाक ढंग से हत्या कर दी गई। पाक सुप्रीम कोर्ट ने उसका दोष साबित न होने पर शेख को बरी करते हुए उसे अमेरिका के दबाव पर सरकार की सुरक्षित हिरासत में रखने का आदेश दिया।
अब शीर्ष अदालत ने 43 पन्नों का फैसला जारी किया है। इसे अदालत की तीन सदस्यीय पीठ का हिस्सा रहे न्यायमूर्ति सरदार तारिक मसूद ने लिखा है।
डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, जजों ने कहा कि सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों में कानूनी खामियां थीं। कोर्ट ने कहा कि केस के अभियोजक उमर शेख के अपराध को साबित करने में नाकाम रहे। अदालत ने 28 जनवरी को शेख और उसके तीन अन्य साथियों को 2-1 के बहुमत से बरी करने का फैसला सुनाया था।