अमेरिका के ह्यूस्टन शहर के एक अस्पताल में आरएलएफ-100 नाम की नई दवा से कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हुए हैं। शहर के एक अस्पताल के एक डॉक्टर ने आरएलएफ-100 नाम की दवा का इस्तेमाल किया है। इससे गंभीर रूप से बीमार कोविड-19 के ऐसे मरीज तेजी से ठीक हुए हैं, जिन्हें सांस लेने में कठिनाई की शिकायत थी। आरएलएफ-100 को एविप्टाडिल नाम से भी जाना जाता है।
ह्यूस्टन मेथडिस्ट अस्पताल ने बताया कि इस दवा के इस्तेमाल से वेंटिलेटर वाले मरीज को तेजी से ठीक हो रहे हैं। न्यूरोएक्स और रिलीफ थेराप्यूटिक्स ने मिलकर इस दवा को विकसित किया है। दवा बनाने वाली कंपनी न्यूरोएक्स के एक बयान के मुताबिक स्वतंत्र अनुसंधानकर्ताओं ने कहा है कि एविप्टाडिल मानव फेफड़ों की कोशिकाओं और मोनोसाइट्स में सार्स कोरोना वायरस की प्रतिकृति को बनने से रोकता है।
रिपोर्ट के अनुसार कोविड के चपेट में आए एक 54 वर्षीय व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार था। मगर इस दवा के इस्तेमाल से चार दिन के भीतर ही वो वेंटिलेटर से हट गया। इसके अलावा अन्य मरीज पर भी इस दवा के के ऐसे ही नतीजे देखे गए हैं। न्यूरोएक्स के सीईओ और अध्यक्ष प्रोफेसर जोनाथन जैविट ने कहा कि अन्य किसी वायरस रोधी दवा से वायरल संक्रमण पर इतनी अच्छी रिपोर्ट नहीं देखने को मिली है।