याहू ने जानकारी दी है कि दो साल पहले एक बड़ी कंपनी ने जबरदस्ती उसके नेटवर्क में घुसकर कम से कम 50 करोड़ यूजरों के खाते से जुड़ी जानकारी हैक कर ली है। फिलहाल याहू इंटरनेट की सर्वाधिक व्यस्ततम साइटों में से एक है, जहां एक माह में करीब एक अरब यूजर्स आते हैं। विशेषज्ञों ने याहू के यूजरों को सलाह दी गई है कि वे अपना पासवर्ड बदल लें। याहू ने अपने एक बयान में कहा है कि चुराए गए डाटा में नाम, ईमेल एड्रेस, टेलीफोन नंबर, जन्मतिथि तथा इंक्रिप्टेड पासवर्ड भी शामिल हो सकते हैं, जबकि कुछ मामलों में 2014 में सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर भी खतरा मंडराया था।
कंपनी मानती है कि यह सरकार की शह पर किया हुआ होना चाहिए। हालांकि कंपनी ने इस संबंध में किसी देश के नाम का खुलासा नहीं किया है और न ही यह बताया है कि दो साल बाद ही उसने यह जानकारी क्यों सार्वजनिक की। जबकि इस खुलासे का उसके ग्राहकों और याहू को 4.8 अरब डॉलर में अधिग्रहीत करने वाली वेरिजान डॉट कॉम पर भी पड़ सकता है। इस बीच बृहस्पतिवार को वेरिज़ॉन ने कहा कि उन्हें डाटा चोरी की जानकारी पिछले दो दिन के दौरान दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के साथ-साथ वेरिज़ॉन के हितों को ध्यान में रखते हुए स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि याहू मेल सबसे पुरानी ईमेल सेवा है जहां यूजरों द्वारा न केवल फोटो एलबम व मेडिकल सूचनाएं शेयर की जाती हैं, बल्कि बैंक खातों की जानकारी का भी आदान प्रदान होता है। याहू से चुराया गया डाटा काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इनका सीधा संबंध यूजरों के बैंक खातों, सोशल मीडिया प्रोफाइल, वित्तीय सेवाओं और उनके दोस्तों व परिजनों से भी है। सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख एलेक्स होल्डन ने बताया कि वेब से याहू क्रेडेंशियल की चोरी ने लोगों की प्रायवेसी में बहुत बड़ी सेंध लगाई है। याहू का कहना है कि वह इस मामले को लेकर कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों के साथ काम कर रही है।
लीक हुई ओबामा की पत्नी के पासपोर्ट की जानकारी
मिशेल ओबामा
एक अन्य मामले में पहली अमेरिकी महिला मिशेल ओबामा के पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन लीक हो चुकी है। व्हाइट हाउस ने बृहस्पतिवार देर शाम बताया कि सायबर सुरक्षा में लगी इस सेंध की तहकीकात की जा रही है। इसमें मिशेल ओबामा से जुड़ी महत्वपूर्ण निजी जानकारियां शामिल हैं, जिनमें उनके मेल आईडी, पासपोर्ट नंबर आदि प्रमुख हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने हालांकि पासपोर्ट की वैधता पर कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन कहा कि प्रशासन इस हैकिंग की गहन जांच कर रहा है।
सायबर सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों ने रूस द्वारा एप्पल और अमेजान समेत अमेरिका की 85 शीर्ष कंपनियों को लक्ष्य कर हैकिंग का खुलासा किया है। विशेषज्ञों ने हमले के लिए उपयोग में लाई जा रही कांफिग्रेशन फाइलों का पता लगाया है, जिनका हैकर्स द्वारा रूसी सर्वर से इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने इसके लिए ऑनलाइन चैटिंग के दौरान रूसी भाषा के इस्तेमाल की बात भी कही है। 85 बड़ी कंपनियों में अमेरिकन एयरलाइन, पीजा हट, बेस्ट बाय, गो डैडी, ई-बे, उबेर, पेपल, मैक डोनाल्ड आदि शामिल हैं।